24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। कल निगम के अधिकारियों ने होटल पर नियमानुसार कार्रवाई की थी आज एक घर की तीन मंजिलें अवैध निर्माण वाली पाई गई जिस पर भी नियमानुसार कार्रवाई हुई। बताया गया कि दो मंजिलों की परमिशन थी और मकान की तीसरी, चौथी और पांचवीं मंजिल लगभग बन गई। आज इस कार्रवाई के बाद फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया कि ऐसे कौनसे अफसर और कर्मचारी हैं जिन्होंने मकान की तीन-तीन मंजिलें बिना परमिशन के बनने दी और जिनके होते हुए या जिनकी छत्रछायां में कंस्ट्रक्शन बेधड़क चल रहा है। कंस्ट्रक्शन के चलते आखिर क्या प्रलोभन रहा होगा कि जानते बूझते आंखें मूंद ली गई। जब इतना निर्माण हो चुका है उसके बाद किसी हाई पावर प्रेशर के चलते किसी शिकायत का सहारा लेकर यह लीगल कार्रवाई करनी पड़ रही है। एक मंजिल या कुछ कंस्ट्रक्शन अचानक हो जाए तो बात समझ में आती है लेकिन एक के बाद एक तीन-तीन मंजिलें बन जाएं और जिम्मेदारों को खबर नहीं हों और वही फिर वही जिम्मेदार लोग अपनी बदली हुई भूमिका में निर्माण को रोकने या सीज करने पहुंच जाएं तो जनता की अदालत में बड़े सवाल उठ खड़े होते हैं कि आखिर अफसर कर क्या रहे हैं? अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं या फिर जान बूझकर पूरे सिस्टम को ही अपने हिसाब से हांक रहे हैं? उनको क्या ऐसा लग रहा है कि जनता मूर्ख है आंखें मूंदे बैठी रहती है? क्या अब यह ट्रेंड नहीं बन गया है कि पहले अवैध निर्माण को होने दिया जाता है और फिर जब भारी भरकम निर्माण हो चुका होता है उसके बाद अचानक अफसरों को याद आता है कि ये तो अवैध है। इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए और दल पहुंचा जाता है निर्माण रूकवाने।
अब तो शहर के लोग इन नियमानुसार होने वाली कार्रवाइयों पर गंभीर सवाल उठाने लगे हैं और मांग करने लगे हैं कि हर अवैध निर्माण पर कार्रवाई से पहले उन कर्मचारियों व अफसरांं पर भी सख्त कार्रवाई क्यों ना हो जो अवैध निर्माण को रोकने की जिम्मेदारी लेकर मोटी सरकारी तनख्वाह पा रहे हैं। वे समय पर कार्रवाई करते तो यह नौबत ही नहीं आती। कार्रवाई का खर्चा उनसे भी वसूल किया जाना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि गडिया देवरा क्षेत्र में मकान का तीसरा, चौथा और पांचवां फ्लोर उदयपुर नगर निगम की टीम ने नियम विपरीत निर्माण होने पर सीज किया। वहां आगे किसी भी प्रकार के निर्माण नहीं करने पर पाबंद किया है। नगर निगम की टीम ने सुबह मकान पर यह कार्रवाई की है। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश के निर्देश पर निगम की टीम ने नियमों के विपरीत हुए निर्माण वाले भाग को सीज कर दिया है। नोटिस चस्पां करते हुए चेतावनी दी है कि सीज परिसर में किसी भी प्रकार की गतिविधियां की जाती है तो पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। टीम में नगर निगम के एटीपी विजय डामोर, राजस्व निरीक्षक विजय जैन, राहुल मीणा सहित जाब्ता मौजूद था। इस कार्रवाई के पीछे कुछ और तथ्य व पक्ष भी सामने आए हैं जिनके बारे में अलग से समाचार के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
मकान के तीन फ्लोर बनते समय अफसरों ने मूंद ली आंखें, अब पहुंच गए ‘सीज’ करने

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