उदयपुर/जयपुर। “मैं सभी से हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रही हूं… जिसने भी मेरी फर्जी वीडियो लगाई है, उसे हटा दें। यह मेरी इज्जत का सवाल है। मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हूं। लोग कमेंट कर रहे हैं… मैं घर से बाहर निकलने लायक नहीं रही।”

सोशल मीडिया पर यह अपील किसी फिल्मी कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि राजस्थान की एक महिला की वास्तविक परेशानी है। भिवाड़ी की इस महिला का आरोप है कि हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान बनाए गए उसके एक सामान्य वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और डिजिटल एडिटिंग की मदद से आपत्तिजनक रूप देकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। पुलिस ने शिकायत लेकर जांच शुरू कर दी है।

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी समय राजस्थान से जुड़ा एक दूसरा मामला सामने आया, जिसमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का कथित AI डीपफेक वीडियो बनाकर लोगों को आर्थिक मदद के नाम पर ठगी के जाल में फंसाने का आरोप है। इस मामले में तमिलनाडु CB-CID ने अलवर से 28 वर्षीय सायबू खान को गिरफ्तार किया है।

दोनों घटनाओं में तरीका अलग है, लेकिन खतरा एक ही है—किसी असली व्यक्ति के चेहरे, आवाज या वीडियो को लेकर ऐसी नकली सामग्री तैयार करना, जिसे देखकर आम व्यक्ति के लिए सच और झूठ में फर्क करना मुश्किल हो जाए।

गंगा स्नान का वीडियो था, AI ने बदल दी पूरी कहानी

भिवाड़ी निवासी महिला जून में परिवार के साथ हरिद्वार गई थी। हर की पैड़ी पर गंगा स्नान के दौरान परिवार के सदस्यों ने उसका छोटा-सा वीडियो बनाया था। महिला ने बाद में इसी सामान्य वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया।

महिला के मुताबिक वह पूरे कपड़ों में थी और वीडियो में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था। करीब दो महीने बाद उसे पता चला कि उसके मूल वीडियो में डिजिटल और AI तकनीक के जरिए छेड़छाड़ कर उसे आपत्तिजनक रूप में पेश किया गया है।

इसके बाद फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने लगा। महिला का कहना है कि वीडियो पर अश्लील टिप्पणियां की जा रही हैं और लोग उसे आगे भी साझा कर रहे हैं।

मामले में साइबर पुलिस अधिकारी पल्लवी गुप्ता के मुताबिक वीडियो किसने तैयार किया और किन लोगों ने इसे आगे प्रसारित किया, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सामग्री हटवाने की कार्रवाई भी की जा रही है।

यानी यहां अपराध केवल वीडियो बनाने तक सीमित नहीं है। वीडियो को आगे शेयर करना, सेव करना या दोबारा प्रसारित करना भी पीड़िता के लिए नुकसान को बढ़ाता है।

असली वीडियो कुछ सेकंड का, नकली वीडियो ने बना दी पूरी जिंदगी मुश्किल

डीपफेक की सबसे बड़ी समस्या यही है कि अपराधी को हमेशा नया वीडियो शूट करने की जरूरत नहीं होती।

सोशल मीडिया पर पहले से मौजूद फोटो, रील, वीडियो या आवाज को AI टूल में डालकर चेहरे की अदला-बदली, चेहरे की हरकतों में बदलाव और आवाज की नकल जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

किसी महिला की सामान्य तस्वीर को आपत्तिजनक तस्वीर में बदलना हो, किसी व्यक्ति की आवाज में झूठा संदेश बनाना हो या किसी नेता को ऐसा बोलते हुए दिखाना हो जो उसने कभी कहा ही नहीं—AI ने इन कामों की तकनीकी बाधा काफी कम कर दी है।

यही वजह है कि राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की साइबर सुरक्षा सलाह में भी AI और Deepfake Awareness को अलग से शामिल किया गया है। विभाग ने फरवरी 2026 में इस विषय पर जागरूकता एडवाइजरी जारी की थी।

अब दूसरा मामला देखिए—मुख्यमंत्री का चेहरा, आवाज नकली और निशाना जेब पर

तमिलनाडु में जांच एजेंसियों के सामने आया मामला डीपफेक के दूसरे खतरे को दिखाता है।

CB-CID के मुताबिक सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो प्रसारित किए गए, जिनमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को कथित तौर पर लोगों से आर्थिक मदद के लिए संपर्क करने की अपील करते हुए दिखाया गया था।

वीडियो में विजय का चेहरा इस्तेमाल किया गया, जबकि आवाज AI से तैयार की गई थी। लोगों को व्हाट्सऐप नंबर के जरिए संपर्क करने और आर्थिक सहायता से जुड़ा संदेश दिया गया।

जांच के दौरान तमिलनाडु पुलिस की साइबर टीम डिजिटल फुटप्रिंट के जरिए राजस्थान और मध्यप्रदेश तक पहुंची। इसके बाद अलवर से 28 वर्षीय सायबू खान को गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कंप्यूटर संबंधी उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वह अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।

पुलिस के अनुसार, कम से कम एक व्यक्ति के आर्थिक रूप से ठगे जाने का तथ्य जांच में सामने आया है। बाकी संभावित पीड़ितों और नेटवर्क की पड़ताल जारी है।

कुछ रिपोर्टों में ऐसे वीडियो से अलग-अलग लोगों से हजारों रुपये लिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ठगी की कुल रकम या पीड़ितों की अंतिम संख्या को निश्चित आंकड़ा मानना उचित नहीं होगा।

आखिर Deepfake होता क्या है?

सरल भाषा में समझें तो Deepfake वह नकली डिजिटल सामग्री है, जिसमें AI की मदद से किसी वास्तविक व्यक्ति के चेहरे, आवाज या हावभाव को बदलकर ऐसा वीडियो, फोटो या ऑडियो तैयार किया जाता है जो पहली नजर में असली लग सकता है।

इसके लिए मुख्य रूप से तीन तकनीकों का इस्तेमाल देखा जाता है—

Face Swap:
एक व्यक्ति के चेहरे को दूसरे वीडियो के चेहरे पर लगा देना।

Voice Cloning:
किसी व्यक्ति की आवाज के नमूने से उसकी तरह सुनाई देने वाली नकली आवाज तैयार करना।

Face/Expression Manipulation:
चेहरे की हरकत, होंठों की गति और भाव-भंगिमा को बदलकर व्यक्ति को वह कहते या करते हुए दिखाना जो उसने वास्तव में नहीं किया।

यही तकनीक जब मनोरंजन या रचनात्मक काम से निकलकर किसी की प्रतिष्ठा, निजी जिंदगी या पैसे को नुकसान पहुंचाने में इस्तेमाल होती है, तो मामला गंभीर साइबर अपराध का रूप ले सकता है।

महिलाओं के लिए खतरा क्यों ज्यादा गंभीर है?

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध को लेकर संसद की महिला सशक्तीकरण संबंधी समिति की मार्च 2026 की रिपोर्ट में भी चिंता दर्ज की गई है। रिपोर्ट में साइबरस्टॉकिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, डीपफेक और बिना सहमति के निजी सामग्री साझा किए जाने जैसे मामलों का उल्लेख है। समिति ने NCRB के आंकड़ों के हवाले से बताया कि 2017 से 2022 के बीच महिलाओं के खिलाफ दर्ज साइबर अपराधों में 239 प्रतिशत वृद्धि हुई।

इसका मतलब यह नहीं कि हर वायरल वीडियो डीपफेक है, लेकिन समस्या की दिशा साफ है—सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री अब केवल सोशल मीडिया सामग्री नहीं रह गई है; वही सामग्री किसी अपराधी के लिए डिजिटल कच्चा माल भी बन सकती है।

और सबसे मुश्किल स्थिति तब बनती है जब फर्जी वीडियो वायरल होने के बाद लोग बिना सत्यापन उसे सच मान लेते हैं।

सरकार ने डीपफेक पर क्या व्यवस्था की है?

केंद्र सरकार ने अगस्त 2026 में लोकसभा में बताया कि AI से बने डीपफेक सहित सिंथेटिक ऑडियो, वीडियो और टेक्स्ट से पैदा होने वाले खतरे को देखते हुए मौजूदा कानूनी ढांचे का इस्तेमाल किया जा रहा है।

IT Act की अलग-अलग धाराएं पहचान की चोरी, ऑनलाइन प्रतिरूपण, निजता के उल्लंघन तथा अश्लील या यौन रूप से स्पष्ट सामग्री के प्रकाशन/प्रसारण जैसे मामलों को कवर करती हैं।

सरकार ने यह भी बताया है कि AI-generated unlawful content से निपटने के लिए प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

अगर आपका फर्जी AI वीडियो बना दिया जाए तो क्या करें?

सबसे पहली गलती जो नहीं करनी चाहिए, वह है घबराकर वीडियो को खुद बार-बार डाउनलोड करना या दूसरों को भेजना।

इसके बजाय—

  • वायरल वीडियो का लिंक, स्क्रीनशॉट और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें।
  • वीडियो को आगे शेयर न करें।
  • संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें।
  • साइबर अपराध की शिकायत National Cyber Crime Reporting Portal पर की जा सकती है।
  • अगर मामले में आर्थिक ठगी हुई है तो बैंकिंग/लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखें।
  • किसी अनजान व्यक्ति को “वीडियो हटाने” या “मामला दबाने” के नाम पर पैसे न दें।
  • जरूरत पड़ने पर स्थानीय साइबर पुलिस से संपर्क करें।

असली खतरा AI नहीं, उसका गलत इस्तेमाल है

AI अपने आप में अपराध नहीं है। समस्या तब शुरू होती है जब किसी की पहचान, आवाज, चेहरा या निजी वीडियो बिना अनुमति लेकर उसे धोखे, बदनामी, उत्पीड़न या आर्थिक अपराध में इस्तेमाल किया जाए।

आज भिवाड़ी की महिला की शिकायत में सवाल उसकी प्रतिष्ठा का है। अलवर वाले मामले में सवाल लोगों के पैसे का है।

कल यही तकनीक किसी के खिलाफ फर्जी बयान, फर्जी स्वीकारोक्ति, नकली वीडियो संदेश या आर्थिक ठगी के लिए इस्तेमाल हो सकती है।

इसलिए अब सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाला हर वीडियो सिर्फ इस आधार पर सच नहीं माना जा सकता कि “वीडियो में चेहरा तो उसी व्यक्ति का है।”

क्योंकि डीपफेक के दौर में असली सवाल यह नहीं रह गया है कि वीडियो में कौन दिखाई दे रहा है?

असली सवाल है—
क्या वह व्यक्ति वास्तव में वही कर या कह रहा है, जो वीडियो में दिखाई दे रहा है?

और इस सवाल का जवाब अब सिर्फ आंखों से देखकर देना संभव नहीं है।


Discover more from 24 News Update

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

desk 24newsupdate's avatar

By desk 24newsupdate

Watch 24 News Update and stay tuned for all the breaking news in Hindi ! 24 News Update is Rajasthan's leading Hindi News Channel. 24 News Update channel covers latest news in Politics, Entertainment, Bollywood, business and sports. 24 न्यूज अपडेट राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्‍यूज चैनल है । 24 न्यूज अपडेट चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। 24 न्यूज अपडेट राजस्थान की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें ।

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Discover more from 24 News Update

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Discover more from 24 News Update

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading