24 News update उदयपुर। इंजिनियर्स डे के अवसर पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने मेटल और माइनिंग सेक्टर में युवा इंजीनियरिंग प्रतिभाओं की बढ़ती भूमिका को सामने रखा है। कंपनी के कुल अधिकारियों में 57.8% इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं, जबकि युवा प्रोफेशनल्स में 76% कोर इंजीनियरिंग क्षेत्रों से जुड़े हैं। कंपनी के अनुसार नई पीढ़ी के इंजीनियर तकनीकी दक्षता के साथ डिजिटलाइजेशन, ऑटोमेशन, नवाचार और सुरक्षित कार्यप्रणाली को उद्योग में गति दे रहे हैं।हिंदुस्तान जिंक के कुल 2,685 अधिकारियों में 1,551 अधिकारी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं। कंपनी के करीब 10% नेतृत्वकारी अधिकारी 35 वर्ष से कम उम्र के हैं, जबकि कुल कर्मचारियों में 62% से अधिक युवा 35 वर्ष से कम आयु के हैं। भविष्य की तकनीकी जरूरतों को देखते हुए कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में कैंपस हायरिंग के जरिए 335 नए प्रतिभाशाली युवाओं को संगठन से जोड़ा है।माइनिंग और मेटल उद्योग में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इंजीनियरों की जिम्मेदारियां भी पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़ रही हैं। हिंदुस्तान जिंक की अत्याधुनिक इकाइयों में रिमोट ब्लास्टिंग, टेली-रिमोट मशीन संचालन, रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑटोमेटेड प्रक्रियाओं और डिजिटल कंट्रोल रूम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी के युवा इंजीनियर इन तकनीकों के जरिए उत्पादन क्षमता के साथ सुरक्षा और परिचालन दक्षता बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि आज का इंजीनियर ऐसे उद्योग में काम कर रहा है जो तेजी से बदल रहा है। युवा इंजीनियर नई सोच और नए दृष्टिकोण के साथ जटिल चुनौतियों के समाधान तलाश रहे हैं। कंपनी की जिम्मेदारी है कि उन्हें ऐसा वातावरण मिले, जहां उनकी जिज्ञासा, तकनीकी क्षमता और महत्वाकांक्षा नवाचार में बदल सके और मेटल एवं माइनिंग उद्योग का भविष्य मजबूत हो।कंपनी के इंजीनियरिंग इकोसिस्टम में अधिकारियों के अलावा 423 से अधिक गैर-अधिकारी कर्मचारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये कर्मचारी माइंस और स्मेल्टर्स में इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। भारी मशीनरी और जटिल औद्योगिक उपकरणों के संचालन से जुड़े इन कर्मचारियों का योगदान कंपनी की परिचालन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।महिला प्रतिभाओं की भागीदारी भी कंपनी के कार्यबल में लगातार बनी हुई है। हिंदुस्तान जिंक में महिला अधिकारियों की हिस्सेदारी 20.5% है। माइनिंग, मेटलर्जी, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और पर्यावरण इंजीनियरिंग सहित विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में महिला अधिकारी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। कंपनी का लैंगिक विविधता अनुपात 26.3% बताया गया है।कंपनी की ‘एम्प्लॉयी फर्स्ट’ नीति के तहत कर्मचारियों को करियर विकास और सीखने के अवसर देने पर जोर दिया जा रहा है। महिलाओं को विभिन्न शिफ्टों और महत्वपूर्ण परिचालन भूमिकाओं में अवसर देने के साथ लचीले कार्य घंटे, स्पाउस हायरिंग, बच्चों की देखभाल के लिए एक वर्ष तक का अवकाश और मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाली नीतियां लागू की गई हैं।इसके साथ ही कर्मचारियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग व्यावसायिक भूमिकाओं में काम करने के अवसर दिए जा रहे हैं। कंपनी का कहना है कि डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन के दौर में बड़े औद्योगिक वातावरण के भीतर स्टार्टअप जैसी कार्य संस्कृति विकसित की जा रही है, ताकि युवा इंजीनियर और अन्य कर्मचारी नए विचारों के जरिए बेहतर समाधान सामने ला सकें। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मछली पकड़ने हाथ में लिया टोटा बम, फेंकने से पहले ही फटा, युवक के दोनों हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त मेवाड़ की परंपरा और जनभावना के बीच विदा हुईं विजयराज कुमारी, महासतिया में बेटे लक्ष्यराज ने दी मुखाग्नि