उदयपुर, 24 न्यूज अपडेट। अंबामाता थाना क्षेत्र में एक युवक ने मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, मृतक ने आत्महत्या से पहले अपनी दाईं कलाई पर लिखा था कि सुसाइड नोट उसकी जेब में है। घटना रविवार देर रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच की बताई जा रही है। मृतक, 23 वर्षीय कमलेश तेली, भीलूराणा कॉलोनी राताखेत का निवासी था और उदयपुर के एक निजी अस्पताल में भामाशाह काउंटर पर कार्यरत था। वह हाल ही में अपने रिश्तेदार हीरालाल तेली के घर ठहरा हुआ था। घटना की जानकारी सबसे पहले उसके भतीजे दिनेश तेली ने परिवार को दी। सूचना मिलने पर परिजन तुरंत उदयपुर पहुंचे, जहां उन्होंने कमलेश को प्लास्टिक की रस्सी से पंखे से लटका पाया। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और शव को एमबी चिकित्सालय के मुर्दाघर में भिजवाया। ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव बना कारणमृतक के पिता केसुलाल तेली द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, गोदाणा निवासी पुष्पा, जो कि विवाहिता है, पिछले दो वर्षों से कमलेश के संपर्क में थी। पिता का आरोप है कि पुष्पा उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी और पैसे की मांग कर रही थी। इसके अलावा, वह कमलेश पर विवाह करने का दबाव बना रही थी और ऐसा न करने पर उसे कानूनी मामलों में फंसाने और आत्महत्या की धमकी दे रही थी। इसी मानसिक तनाव के कारण कमलेश ने यह कदम उठाया। सुसाइड नोट पुलिस के पासपोस्टमार्टम की प्रक्रिया के दौरान पुलिस को मृतक की जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसकी जांच जारी है। फिलहाल, इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस ने मृतक के पिता की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की गहन जांच जारी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 100 रुपये के स्टाम्प पर एग्रीमेंट के बाद हुई शादी, 10 दिन बाद मौसाजी की मौत का बहाना बना नकदी और गहने लेकर फरार हुई दुल्हन कलक्ट्रेट के बाहर लाठियां खाने वाले मजदूरों ने मांगे थे 47 लाख, 16 लाख पर हुआ समझौता