24 News Update उदयपुर, 3 जुलाई। राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन स्माईल” अभियान के अंतर्गत ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के संरक्षण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर एक महत्वपूर्ण रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को विद्या भवन ऑडिटोरियम, फतहपुरा, उदयपुर में किया गया। यह कार्यक्रम उदयपुर रेंज पुलिस एवं यूनिसेफ राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।पुलिस अधिकारियों को किया गया संवेदनशीलकार्यशाला में ट्रांसजेंडर समुदाय की समस्याओं के समाधान हेतु थाना स्तर पर नियुक्त नोडल पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील बनाने, उन्हें ट्रांसजेंडर (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 की जानकारी देने और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हर्ष रतनू ने कहा, “ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मान और समानता देना हम सबका दायित्व है। उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए पुलिस महकमा गंभीरता से कार्य कर रहा है।” उन्होंने नोडल अधिकारियों को अधिनियम के गहन अध्ययन व अनुपालन के निर्देश भी दिए।मुख्य प्रशिक्षक का मार्गदर्शननई भौर संस्था की निदेशक पुष्पा माई ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में पुलिस अधिकारियों को ट्रांसजेंडर कानूनों, व्यवहार संहिता एवं राज्य सरकार द्वारा इस वर्ग के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा, “ट्रांसजेंडर समुदाय को विशेष सुविधाएं और सम्मान मिले, इसके लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं।”मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोरगीतांजली मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. जीतेन्द्र जीनगर ने मानसिक स्वास्थ्य को मूलभूत अधिकार बताते हुए अवसाद, तनाव और मानसिक समस्याओं से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने हेल्पलाइन 14416 का उपयोग करने का सुझाव भी दिया। यूनिसेफ की संभागीय सलाहकार श्रीमती सिन्धु बिनुजीत ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि थाने में आने वाले किसी भी लिंग/समुदाय के व्यक्ति के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उन्होंने बताया कि ट्रांसजेंडर समुदाय और पुलिस के बीच विश्वास और समन्वय स्थापित करने के लिए इस तरह की कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं।कानूनी जानकारी और योजनाएं साझा की गईंसमाज कल्याण विभाग के परामर्शदाता अमित भट्ट ने ट्रांसजेंडर के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, पेंशन योजना, छात्रवृत्ति, स्माईल योजना, गरिमा गृह, मनोवैज्ञानिक सहायता, और कल्याण बोर्ड से संबंधित सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और समस्याएं खुलकर साझा कीं। चित्तौड़गढ़ के एएसपी मुकेश सांखला ने पोक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों से नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही, वहीं डीएसपी चेतना भाठी ने इस वर्ग को “अर्द्धनारीश्वर” बताते हुए कहा कि इनके प्रति मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता परम आवश्यक है। इस कार्यशाला में सलूंबर, प्रतापगढ़ सहित पूरे रेंज से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। आईजी कार्यालय से राजेन्द्र सिंह, पुलिसिंग फॉर केयर कार्यक्रम से दिलीप सालवी, सुनील व्यास, चाइल्डलाइन, नोडल अधिकारी और ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप वर्मा द्वारा किया गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पशुओं को इम्यूनिटी बूस्टर एवं 30 ग्राम नमक खाने में मिलाकर देने की सलाह उदयपुर: देबारी हाईवे पर दवाओं से भरा ट्रक पलटा, बड़ा हादसा टला, 1 घंटे तक लगा रहा जाम, चालक को आई मामूली चोट