24 News Update उदयपुर। उदयपुर भाजपा में इन दिनों पॉलिटिकल लैंड माइंस के फटने का सिलसिला चल रहा है। बरसों से नेताओं के मन में उबल रहे ज्वालामुखी फूट रहे हैं। प्री उदयपुर फाइल्स और पोस्ट उदयपुर फाइल्स कालखंड में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया पर पहले चिट्ठी बम, उसके बाद बयानों के लंबी दूरी तक मार करने वाले राजनीतिक बयानों और मिसाइलों के ड्रोन। उसके जवाब में हाल ही में उदयपुर आए कटारिया के जवाबी नश्तर माहौल में राजनीतिक युद्ध जैसे हालातों का अहसास करवा रहे हैं। इन सबके बीच बरसों के गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं तो सनसीखेज तथ्यों की ऐसी फेहरिस्त सामने आ रही है कि जिसे देख कर जनता हैरान हैं कि पार्टी विद डिफरेंस के सूरमा आखिर उनकी आंखों में धूल झोंकते हुए किस—किस तरह से कारनामों को अंजाम दे रहे हैं। हवाई यात्रा करने वाले सब भाजपाई खुद आर्थिक सक्षम थे कल भाजपा के कद्दावर नेता धर्मनारायण जोशी ने गुलाबजी को जो 3700 से अधिक शब्दों की चिट्ठी लिखी वो अपने आप में राजनीतिक जवाब का एक क्लासिक शोध पत्र बनकर सामने आ गई। इसमें जो सवाल उठाए गए हैं आज वो प्रदेशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस पत्र में चर्चा उस खर्चे की भी जिस पर आज की हमारी यह खबर आधारित है। यह खर्चा आखिर क्यों किया गया यह सवाल अब उन विधायकों का पीछा कर रहा है जिन्होंने आंख मींचकर जनता का पैसा हवाई यात्रा पर हवा में उड़ा दिया। जो लोग हवाई यात्रा पर गए उसमें भाजपा के कई कद्दावर नेता भी शामिल हैं। कई तो जन प्रतिनिधि भी हैं। ऐसे आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को जनता के टेक्स के पईसों का धुआं करके हवाई यात्रा पर लेकर जाना आखिर कहां की समझदारी थी?? इस सवाल का जवाब कौन देगा, इसका हिसाब आखिर कौन देगा?? क्या खर्च हुआ पैसा विधायकों के वेतन से ही नहीं वसूला जाना चाहिए। आदि—आदि सवाल अब बहुत विस्तार ले चुके हैं।जोशी जी ने अपने पत्र में समर्थकों की मुफ्त गौहाटी हवाई यात्रा और वो भी विधायकों के यात्रा मद से करवाने का जिक्र करके सबको चौंका दिया हैं। विधायकों का हवाई खर्चे का यह सुपरपावर और उसके दुरूपयोग का सुपर पावरफुल दुस्साहस शायद सामने हीं नहीं आता अगर जोशी जी जवाबी मिसाइल में यह मिसाल नहीं देते। जनजाति वर्ग के विधायकों के यात्रा मद का बेरहमी से उपयोग जोशी ने अपने पत्र में लिखा है कि फरवरी 2023 में गुलाबजी ने असम के राज्यपाल पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण में आपके परिजनों, शुभचिन्तकों, समर्थकों की गौहाटी यात्रा का व्यय राजस्थान विधानसभा के चार विधायकों के व्यक्तिगत विधायक यात्रा मद से किया गया। ये चारों विधायक उदयपुर जिले के है और जनजाति वर्ग से आते हैं। ये चारों अपना अगला विधानसभा टिकट न कट जाये, इस कारण आपकी मिजाजपूर्सी में हवाई यात्रा का व्यय अपने विधानसभा यात्रा मद से देने को तैयार हो गये। आपके परिजन, मित्र, शुभचिन्तक, समर्थक आपके शपथग्रहण में जाये और उसका व्यय जनजाति वर्ग का भोला-भाला विधायक अपने यात्रा मद से वहन करें, यह कहां तक उचित व नैतिक है? इन विधायको ने निश्चित ही अपने राजनीतिक भविष्य को आपकी छत्र-छाया में सुरक्षित करने के लिए यह राशि समर्पित की। आपके द्वारा पोषित पल्लवित कुछ सम्पन्न लोगों ने भी इन जनजाति के इन विधायकों के यात्रा मद का बेरहमी से उपयोग किया। चारों विधायकों का गौहाटी शपथग्रहण यात्रा व्यय इस प्रकार है –क्र.सं. नाम विधायक विधानसभा क्षेत्र व्यय राशि फुल सिंह मीणा उदयपुर ग्रामीण 1,12,600/- अमृत लाल मीणा सलुम्बर 9,68,402/- बाबू लाल खराडी झाडोल 5,68,846/- प्रताप गमेती गोगुन्दा 3,81,336/-कुल 20,31,184/- राजस्थान सरकार के 20 बीस लाख रूपये आपके शपथग्रहण में आपके परिजनों व समर्थकों की यात्रा में व्यय किये। क्या यह मार्ग पं दीनदयाल जी के आदर्शो के अनुरूप है। क्या यह यात्रा साधन की शुचिता और हमारी संगठन पद्धति का आदर्श है? उदयपुर के सभी विधायक जनता के सामन रखें हवाई यात्रा का ब्योरा??राजस्थान में जहां तक 24 न्यूज अपडेट को जानकारी और अध्ययन है 3 लाख रूपए प्रति वर्ष पैसा मिलता है हवाई यात्रा के लिए। इसमें नियम यह है कि विधायक यात्रा में साथ होना चाहिए, दल चाहे जितना बड़ा हो। जो आंकड़े धर्मनारायण जोशी ने पत्र में दिए हैं उनको देख कर लगता है कि कोई एक सेंट्रलाइज्ड कमांड थी जिसने चार विधायकों को अपने फंड का सदुपयोग करने का आदेश दिया। उसी ने फंड की उपलब्धता के आधार पर उसका एलोकेशन ओर एडजेस्टमेंट किया। उसके बाद पॉलिटिकल कारवां उदयपुर से गुवाहाटी चल पड़ा नॉन पोलिटिकल हवाई यात्रा पर। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यह उदयपुर और सलूंबर जिले की जनता के टेक्स का पैसा है। विधायक को कोई हक नहीं है कि वो इसे इस तरह की यात्राओं पर खर्च करे। यदि विधायक करते हैं तो उनकी भी जांच होनी चाहिए और विधानसभाअध्यक्ष की ओर से जांच बिठाई जानी चाहिए। जनता ने वोट देकर अपने धन के कस्टोडियन चुने हैं, मनमाने तरीके से खर्च करने वाले आका नहीं। सरकारी स्तर पर मामले की ना सिर्फ जांच होनी चाहिए बल्कि विधायकों को भी आगे आगर स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उन्होंने यह खर्चा क्यों किया। इसका क्या जस्टिफिकेशन है। जनता ने विधायकों को उड़नखटोले में उड़ने व अपने साथ के खास लोगों को भी उड़ाने का मौका इसलिए दिया है ताकि जनता के कामों को हवाई गति से किया जा सके। खुद का कॅरियर और पार्टी के हितों को साधने के लिए तो कतई नहीं। इतने बड़े खुलासे के बाद भी किसी भी विधायक का सामने नहीं आना सवालों की गहराई और बढ़ा रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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