24 News update उदयपुर.
जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास विभाग उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में सुखाड़िया रंगमंच, नगर निगम में महिलाओं के सम्मान, शिक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 का आयोजन हुआ।
🔹 मुख्य अतिथि: राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया
🔹 अध्यक्षता: जिला प्रमुख श्रीमती ममता कुंवर
🔹 विशिष्ट अतिथि: शिक्षाविद् पूर्व प्रोफेसर डॉ. गायत्री तिवारी
🔹 उपस्थिति: लगभग 650 महिलाएं
महिला सशक्तिकरण पर बल
➡️ जिला प्रमुख श्रीमती ममता कुंवर ने महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा – “गर्व से कहो कि हम महिला हैं”। उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं को समान अवसर दिलाने की दिशा में सतत सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा दी।
➡️ उन्होंने महिला शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने वाली सरकारी एवं गैर-सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया।
➡️ कार्यस्थलों पर लैंगिक समानता और सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों और महिला उद्यमिता एवं नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की विभिन्न पहलों की जानकारी दी।
महिलाओं की भूमिका और संकल्प
✅ सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने कहा कि हर क्षेत्र जैसे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा और राजनीति में महिलाओं की उल्लेखनीय भूमिका देखी जा सकती है।
✅ उन्होंने इस अवसर पर समाज से लैंगिक भेदभाव खत्म करने और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के संकल्प लेने का आह्वान किया।
✅ विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में महिला साक्षरता बढ़ाने पर जोर दिया।
✅ सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विशेष प्रयास करने की बात कही।
महिला स्वास्थ्य और सुरक्षा
🔹 प्रो. गायत्री तिवारी ने महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर अपने विचार साझा किए।
🔹 आईसीडीएस उप निदेशक नंदलाल मेघवाल एवं महिला अधिकारिता उप निदेशक संजय जोशी ने महिला एवं बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
सम्मान समारोह
🏆 पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं को सम्मानित किया गया:
➡️ संस्थागत श्रेणी: कर्मा बाई जाट संस्था
➡️ व्यक्तिगत श्रेणी: श्रीमती वेदवंती नागदा, डॉ. स्नेहा बाबेल
➡️ साथिन श्रेणी: श्रीमती हेमलता त्रिवेदी
➡️ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: श्रीमती हेमलता गुर्जर
➡️ आंगनवाड़ी सहायक: श्रीमती गीता गमेती
➡️ आशा सहयोगिनी: श्रीमती ममता राजपूत, श्रीमती सुमन खटीक
➡️ विशिष्ट श्रेणी: माधु सिंह
🎖 इसके अतिरिक्त, 26 माताओं को “माता यशोदा पुरस्कार” भी प्रदान किए गए।

