रिपोर्ट—जयवंत भेरविया
24 News Update उदयपुर। एक नदी में अचानक एक दिन बन गई एक सड़क। लोगों ने पूछा किसने बनाई। मौके पर दिख रहा ताज अरावली होटल ने बनाई। लेकिन नदी का सरकारी मालिक जल संसाधन विभाग होटल वाले से डर गया। या फिर डरा दिया गया। दबाव इतना ज्यादा अफसरों पर कि मुंह से निकल ही नहीं रहा वो सच जो मौके पर गवाही दे रहा है। सड़क बनाने बाद ताज अरावली ने देखा कि सरकारी अफसर तो उनकी गोद में बैठे हैं। क्यों ना एक और एडवेंचर किया जाए। ताज अरावली के मन को भाया, उसने देवास टनल के पास के पहाड़ को उड़ाया। यही नहीं गोद में बैठे जल संसाधन के अफसरों ने कहा—हुजूर पहाड़ काट दिया है, सरकारी जमीन पर रास्ता भी बना दीजिए। होटल वालों की हो गई बल्ले—बल्ले, रातों—रात एक और रास्ता जल संसाधन विभाग की सरकारी जमीन पर बन गया। उस पर सीसीटीवी और गार्ड भी लगा दिए। खबर पढ़कर आपकी इन रास्तों को देखने की इच्छा जाग जाए तो जरा संभलकर और खुद के खतरे उठाने की केपेसिटी के अनुसार वहां पर जाइयेगा। आप पूछेंगे पूरी कहानी में क्या है अवैध?? तो हम कहेंगे—नदी में सड़क अवैध, टनल पर खुदाई अवैध, टनल के पास कब्जा करके बनाई सड़क अवैध?? आप पूछेंगे कि इस महाघोटाले पर कार्रवाई कौन करेगा?? हम कहेंगे—शायद कोई नहीं, शायद कभी नहीं?? क्योंकि यूडीए चुप है, जल संसाधन विभाग चुप है, जिला प्रशासन चुप है। जन प्रतिनिधियों और ब्यूरोक्रेट्स के आजकल क्या हाल हैं, वे आपसे भी छुपे हुए नहीं हैं। इस बारे में जब हमने विभाग से सूचनाएं मांगीं तो विभाग के अफसर उपर से नीचे तक हिल गए। कांपने लगे। यह उनके जवाबों से भी पता चल रहा है। कभी दाएं बात कर रहे हैं, तो कभी बाएं। मूल सवालों को हर बार गोल कर रहे हैं। ये गोल उनसे कौन करवा रहा है, यह भी जांच का विषय है। मेवाड़ी में इसे बातों की घट्टी घुमाना कहते हैं।
कोडियात टनल और अमरजोक नदी पर होटल का कब्जा
उदयपुर के ग्राम बुझड़ा में स्थित कोडियात टनल का निर्माण देवास परियोजना के अंतर्गत पिछोला झील की जल आपूर्ति के लिए किया गया था। अब टनल और उससे निकलने वाली अमरजोक नदी पर होटल ताज अरावली की नजर लग चुकी है। टनल किनारे जल संसाधन विभाग की सरकारी जमीन (आराजी नंबर 131 और 134) पर भी होटल ने अवैध कब्जा कर लिया है। होटल ने इस जमीन से होकर एक सड़क बनाई है, जो होटल के पीछे हेलिपैड और टनल के ऊपर पहाड़ी काटकर हो रहे अवैध निर्माण से जुड़ती है। सड़क के मुख्य प्रवेश पर गेट, CCTV कैमरे और गार्ड भी लगाए गए हैं। होटल ने अमरजोक नदी के पेटे में भी 60 फीट चौड़ी सड़क बना रखी है।
RTI और विभागीय जवाब:
सड़क का आराजी नंबर – उपलब्ध नहीं।
सड़क से विभाग को हो रहे लाभ – उपलब्ध नहीं।
सड़क निर्माण के लिए NOC – उपलब्ध नहीं।
टनल के ऊपर निर्माण के लिए NOC – जारी नहीं।
इन जवाबों से स्पष्ट है कि सड़क और टनल के ऊपर हो रहे निर्माण की जिम्मेदारी होटल पर है, जबकि विभाग और प्रशासन रिकॉर्ड और नियंत्रण में लापरवाह नजर आते हैं।
पहाड़ी काटकर अवैध निर्माण
होटल ने देवास टनल के पास पहाड़ी काटकर अवैध निर्माण किया है। जल संसाधन विभाग ने न तो रोकने का प्रयास किया और न ही किसी NOC के जरिए इसे वैध ठहराया। UDA, जिला प्रशासन, विधायक और सांसद इस अवैध कब्जे और निर्माण पर खामोश हैं। नगर में सरकारी जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 60 फीट सड़क और अवैध निर्माण के कारण नदी और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा और पर्यावरण संकट में हैं। पर्यटन स्थल और स्थानीय जनता के लिए यह गंभीर खतरा है।
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