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संकष्टी चतुर्थी पर जल सेवा की शुरुआत: भारत विकास परिषद भामाशाह ने शुरू किया ‘जल मंदिर’

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24 News Update उदयपुर। भीषण गर्मी के बीच प्यासों की प्यास बुझाने की भावना को साकार करते हुए भारत विकास परिषद की भामाशाह शाखा ने संकष्टी चतुर्थी के पावन अवसर पर सेक्टर-4 स्थित जैन मंदिर के बाहर ‘जल मंदिर’ का शुभारंभ किया। यह पहल समाजसेवी सुशीला दिनेश मेनारिया एवं हरप्रीत मक्कड़ के सहयोग से शुरू की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के पूर्व नेशनल वाइस चेयरमैन डॉ. एम.जी. वार्ष्णेय ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वैशाख माह में जल सेवा का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। भीषण गर्मी के इस समय में प्यासे को पानी पिलाना हजारों यज्ञों के बराबर पुण्यदायी माना गया है। उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार इस माह में शीतल जल का दान करने से त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु और शिव—सहित पितरों की तृप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

शाखा सचिव डी.सी. सिंघवी ने जानकारी दी कि जल मंदिर में आरओ का ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि राहगीरों को स्वच्छ और शीतल जल मिल सके। के.के. शर्मा ने बताया कि यहां गौ-प्याऊ की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रतिदिन पानी भरने की जिम्मेदारी तय की गई है।

एम.के. माथुर ने बताया कि परिषद द्वारा स्कूलों में बच्चों को परिंडे वितरित करने का अभियान भी शुरू किया जाएगा, जिससे गर्मियों में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम का संचालन योगेश अग्निहोत्री ने किया। आयोजन की सफलता में मंगला पागे, राजेश पागे, डी.एस. मेहता, भंवरलाल बुनकर, लालचंद लोढ़ा सहित अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।

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