24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। उदयपुर की सविना अनाज मंडी का ये हाल बरसों बाद देखा गया। सड़कें पानी में डूबी हैं। चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। दुकानदार आधी रात को घरों से उठकर अपनी अपनी दुकानों की तरफ भाग रहे हैं। सबको चिंता है कि कहीं उनकी बरसों की मेहनत पर पानी नहीं फिर गया हो। ये कल रात का दृश्य है। सविना अनाज मंडी को भ्रष्टाचार और भाई भतीजवाद की नजर लग गई है। यहां के भ्रष्ट प्रशासन की वजह से आज यह नौबत आ गई है। भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद की सड़क ने मंडी का बेड़ा गर्क करके रख दिया है। अगर किसी शहर की अनाज मंडी में इस तरह से दुकानों में पानी घुस जाए तो यह शहर के प्रशासन के लिए शर्म से डूब मरने की बात है। अनाज मंडी के बाहर और आस पास के नाले इतने केपेबल ही नहीं है कि एक बारिश भी झेल सकें। दुकानदारों ने कल पूरी की पूरी रात आंखों में काटी। कई दुकानों में जमीन पर रखा अनाज भीग गया जिससे उनकी आंखें भर आई। परिजन बेचैन हो गए। आज सुबह से लेकर पूरे दिन भीगे अनाज को हटाने व नुकसान का आकलन करने का काम होता रहा। सबकी जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर पानी कैसे घुस गया। अब हम आपको बताते हैं कि अगर नेताओं के चहेते भ्रष्ट अफसरों से मिल जाए तो क्या होता है। अगर जिम्मेदार आंख मूंदकर मंडी का बेड़ा गर्क कर ले तो क्या होता है? यह स्थिति आज ही नहीं आने वाले लंबे समय तक रहने वाली है इसलिए इस पर संजीता तरीके से बात करना जरूरी है।आपको आश्चर्य होगा कि मंडी की सभी दुकानें प्रशासन ने ही बनवा कर अलॉट की। उसमें सड़कें भी प्रशासन ने ही बनवाई। बनवाते समय जो दुकानों का लेवल तय किया गया था वह आज भी है। लेकिन भ्रष्टाचार करते हुए मंडी प्रशासन के अधिकारियों ने नई सड़क बनते वक्त सड़क का लेवल उंचा करवा दिया। यह ना सिर्फ अन्याय था बल्कि आपराधिक कृत्य भी था। सड़क पर सड़क की परत चढ़ गई। इसके अलावा मंडी में पानी के ढाल को भी खास राजनीतिक पहुंच रखने वाले व्यापारियों के दखल पर बदल दिया गया। इससे पूरे ड्रेनेज सिस्टम की ही सांसें फूल गई। मजे की बात ये है कि जिन अधिकारियों को नियमानुसार सड़क खोद कर नई सड़क बनानी थी उन पर चार्जशीट और विभागीय कार्रवाई करना तो दूर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टे अब वे ही अधिकारी मंडी के दुकानदारों को नोटिस थमा रहे हैं कि दुकानों की कुर्सी का लेवल उंचा क्यों नहीं करवा रहे हैं। याने उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसी स्थिति हो रही है। इस समस्या के बारे में विधायक से लेकर मंत्रीजी तक को पता है लेकिन पॉलिटिकल एप्रोच के चलते वे दखल ही नहीं दे रहे हैं। मंडी में पहली बारिश ने भारी नुकसान कर दिया व अगर आने वाले दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो समस्या और भी गंभीर हो जाएगा। इस बारे में हमने मंडी सचिव का पक्ष जानना चाहा मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया। अगली खबर में हम मंडी के बाथरूम पर हो रहे कब्जों व अफसरों की मिलीभगत के बारे में बताएंगे, तब तक देखते रहे ट्वंटी फोर न्यूज अपडेट। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation रील के चक्कर में रियल लाइफ से दूर हो रही है आज का युवा पीढ़ी : आचार्य पुलक सागर मावली दौरे पर कलेक्टर नमित मेहता, अंत्योदय पखवाड़े के शिविर का लिया अवलोकन, किया पौधारोपण