24 News Update नई दिल्ली/जयपुर, 20 फरवरी 2026: कांग्रेस के राष्ट्रीय छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। राजस्थान के युवा दलित नेता विनोद जाखड़ को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। जाखड़ फिलहाल NSUI के प्रदेशाध्यक्ष थे और अब वे वरूण चौधरी की जगह लेंगे, जो संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे।कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने विनोद जाखड़ की नियुक्ति के आदेश जारी किए। इस निर्णय को पार्टी के अंदरूनी सियासी समीकरणों और युवा नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।युवा दलित नेता का सफर और सियासी पहचानविनोद जाखड़ राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष हैं और उनके सक्रिय नेतृत्व के लिए उन्हें युवा दलित नेताओं में गिना जाता है। पिछले साल 30 सितंबर को जाखड़ को राजस्थान यूनिवर्सिटी में आरएसएस के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में विरोध और तोड़फोड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 17 दिन जेल में रहना पड़ा और 17 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट से जमानत मिली। cएनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए खुद राहुल गांधी ने इंटरव्यू लिया था। विनोद जाखड़ के साथ राजस्थान से निर्मल चौधरी भी इस प्रक्रिया में शामिल थे। जाखड़ की नियुक्ति को सचिन पायलट समर्थक नेता के रूप में कांग्रेस के सियासी संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।पायलट समर्थक को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोशनसचिन पायलट के करीबी नेता को NSUI का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का कदम, पायलट के संगठनात्मक प्रभाव को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इसे पार्टी के अंदर पायलट समर्थक युवा नेताओं के लिए सकारात्मक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।इसके अलावा, राजस्थान में युवा दलित नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मंच देने का मतलब यह भी है कि पार्टी अपने परंपरागत वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर संदेश देने का प्रयास कर रही है।राजस्थान में NSUI का नया प्रदेशाध्यक्षविनोद जाखड़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राजस्थान NSUI में प्रदेशाध्यक्ष का पद खाली हो गया है। अब पार्टी नए प्रदेशाध्यक्ष की तलाश में है। संभावित दावेदारों की चर्चा शुरू हो गई है और जल्द ही नए नेतृत्व की घोषणा की संभावना है।सियासी विश्लेषक का मतविश्लेषकों के अनुसार, यह नियुक्ति कांग्रेस के भीतर युवा और दलित नेतृत्व को राष्ट्रीय मंच देने की रणनीति का हिस्सा है। साथ ही, यह पायलट के संगठनात्मक और राजनीतिक दबदबे को भी मजबूत करती है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अनिल अंबानी का SC में हलफनामा—बिना अनुमति देश नहीं छोड़ूंगा, जांच में पूरा सहयोग करूंगा आईएएस दिलीप उइके निलंबित: महिला कॉन्सटेबल से दुष्कर्म के आरोप में कार्रवाई, 6 माह बाद हुई प्रशासनिक पहल