24 News Update नई दिल्ली। ₹40 हजार करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी ने 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट किया है कि वे अदालत की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेंगे। यह आश्वासन रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच के बीच दिया गया है। अंबानी ने अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही जांच में पूरा सहयोग करेंगे।मुकुल रोहतगी के मौखिक वचन की लिखित पुष्टिमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हलफनामा उस अंडरटेकिंग की औपचारिक पुष्टि है, जो 4 फरवरी को सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में मौखिक रूप से दी थी। अब लिखित हलफनामा दाखिल होने के बाद यह आश्वासन कानूनी रूप से बाध्यकारी हो गया है।₹40,000 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामलायह कार्यवाही पूर्व नौकरशाह ईएएस सरमा की याचिका पर चल रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ADAG समूह की कंपनियों ने विभिन्न बैंकों के साथ मिलकर ₹40,000 करोड़ से अधिक का लोन फ्रॉड किया। याचिका में मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई थी। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए जांच एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए हैं। बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे मेंसुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि जांच एजेंसियां यह परखें कि क्या इस कथित धोखाधड़ी में बैंक अधिकारियों की कोई मिलीभगत रही। ED के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस (RCFL) में बड़े पैमाने पर फंड्स के दुरुपयोग के संकेत मिले हैं। 2017–19 के बीच यस बैंक ने RHFL में ₹2,965 करोड़ और RCFL में ₹2,045 करोड़ का निवेश किया था, जो दिसंबर 2019 तक NPA बन गया। RHFL का ₹1,353 करोड़ और RCFL का ₹1,984 करोड़ अभी भी बकाया बताया गया है—कुल मिलाकर बैंक को ₹2,700 करोड़ से अधिक का नुकसान। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ‘ट्रक पर नमाज़’ दिखाने पर ज़ी न्यूज़ को झटका, ₹1 लाख का जुर्माना सचिन पायलट के करीबी विनोद जाखड़ को NSUI का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया