निम्बाहेड़ा (कविता पारख)। जैन शासन सेवा की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाते हुए विहार सेवा ग्रुप निंबाहेड़ा ने रविवार को अपना 396वां विहार सफलतापूर्वक संपन्न कराकर सेवा, समर्पण और संगठन का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह विहार प.पूज्या साध्वी कीर्तिरेखा श्री म.सा. (ठाणा-4) का रहा, जो बांगरेडा चौराहा से प्रारंभ होकर शांति नगर स्थित अभय जारोली के निजी आवास तक सम्पन्न हुआ। लगभग 8 किलोमीटर की यह पदयात्रा अत्यंत शांत, सुव्यवस्थित एवं भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण में पूर्ण हुई।
🙏 भक्ति, अनुशासन और सेवा से ओतप्रोत रहा विहार
विहार सेवक अतुल बोडाना ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विहार पूर्णतः अनुशासित, शांतिपूर्ण एवं सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में सेवाभावी श्रावकों ने मार्ग में उपस्थित रहकर साध्वी श्रीजी के विहार को सुगम बनाया। उन्होंने कहा कि विहार सेवा ग्रुप का उद्देश्य केवल व्यवस्थाएं करना नहीं, बल्कि साधु-साध्वी भगवंतों के प्रति समर्पण और श्रद्धा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना है।
📜 2019 से 396वें विहार तक की प्रेरणादायी यात्रा
विहार सेवक दिलीप पारख ने बताया कि वर्ष 2019 में प्रारंभ हुए विहार संकल्प ने आज 396वें विहार तक की यात्रा पूर्ण कर ली है। यह उपलब्धि केवल निंबाहेड़ा नगर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि यह निरंतरता इस बात का प्रमाण है कि समाज में सेवा, संगठन और शासन भक्ति की भावना निरंतर सशक्त होती जा रही है।
👣 इन सेवाभावी श्रावकों ने निभाई विहार सेवा
इस पावन विहार में सेवा देने वाले सौभाग्यशाली विहार सेवकों में—
तखतसिंह सिंघवी,
दिलीप पारख,
अशोक तेजीवत,
दिलीप पामेचा,
दिलीप नागोरी,
मनोहर बोहरा,
राजेश मेहता,
सौरभ बोडाना,
अतुल बोडाना,
महेश गोयल,
प्रशांत जारोली एवं
राहुल जारोली
शामिल रहे।
🚗 वाहन सारथियों का भी सराहनीय योगदान
विहार सेवकों को अपने निजी वाहनों से लाने-ले जाने में सहयोग करने वाले वाहन सारथियों में—
दिलीप पामेचा,
मनोहरलाल बोहरा एवं
प्रशांत जारोली
का विशेष योगदान रहा।
🌸 समूह ने जताया आभार, भविष्य के लिए बना प्रेरणास्रोत
विहार सेवा ग्रुप निंबाहेड़ा ने सभी पैदल विहार सेवकों एवं वाहन सारथियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। समूह ने कहा कि 396 विहार पूर्ण कर विहार सेवा ग्रुप ने जैन शासन सेवा में एक नया अध्याय स्थापित किया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और सेवा की यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।

