उदयपुर। गंगूकुंड स्थित इस्कॉन जगन्नाथ मंदिर में कल आज, 13 अप्रैल (सोमवार) को वरुथिनी एकादशी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर प्रशासन और भक्तों में भारी उत्साह है। मंदिर अध्यक्ष मायापुर वासी प्रभु ने बताया कि उत्सव का शुभारंभ प्रातःकाल 4 बजे मंगला आरती के साथ होगा। इसके पश्चात वैष्णव भक्त सामूहिक रूप से माला जप करेंगे, जिसमें प्रत्येक भक्त न्यूनतम 16 और अधिकतम 25 माला का जाप कर अपनी श्रद्धा अर्पित करेगा। एकादशी के विशेष अवसर पर भगवान जगन्नाथ जी का मनोहारी श्रृंगार किया जाएगा।
कथा और संकीर्तन
सायंकाल के सत्र में भक्तिमय कीर्तन के बाद वरुथिनी एकादशी के महत्व पर विशेष प्रवचन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को फलाहारी (सागाहारी) प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
फतेहसागर की पाल पर गूँजा हरिनाम
इससे पूर्व, रविवार सुबह इस्कॉन भक्तों ने फतेहसागर की पाल पर भ्रमण करते हुए भव्य हरिनाम संकीर्तन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
भावुक कर देने वाला राम-भरत मिलाप प्रसंग
रविवार सायंकाल मंदिर में आयोजित सत्र के दौरान मायापुर वासी प्रभु ने श्रीराम और भरत मिलाप का अत्यंत सुंदर चित्रण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार 14 वर्षों तक नंदीग्राम में प्रतीक्षा करने के बाद जब भरत जी अपने आराध्य श्रीराम से मिले, तो दोनों भाइयों की अश्रुधारा ने एक-दूसरे का अभिषेक किया। इसके बाद भरत गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा के रूप में प्रभु श्रीराम को अयोध्या लेकर आए, जहाँ भव्य महामहोत्सव मनाया गया। मायापुर वासी प्रभु व डॉ. बालकृष्ण शर्मा ने यह जानकारी दीं.

