27 वर्षों बाद मिला न्याय: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निर्देश पर वाल्मीकि परिवार को दिलाया गया खातेदारी भूमि का कब्जा
24 News Update ग्राम थांवला में अनुसूचित जाति के वाल्मीकि परिवार को उनकी खातेदारी भूमि पर प्रशासन द्वारा विधिसम्मत कब्जा दिलाया गया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निर्देशों की पालना में की गई।
प्राप्त विवरण के अनुसार रामपाल वाल्मीकि की खातेदारी भूमि, खाता संख्या 3383/105, रकबा 1.25 हेक्टेयर पर ग्राम पंचायत थांवला के एक दबंग परिवार द्वारा लगभग 27 वर्षों से अवैध कब्जा किया गया था।इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आदेशानुसार श्रीमान तहसीलदार, देवली के नेतृत्व में नायब तहसीलदार नासिरदा , गिरदावर, पटवारी एवं अन्य राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में विधिवत सीमांकन (धारा 183 बी, राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप) कराया गया।सीमांकन उपरांत प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध अतिक्रमण को हटवाकर प्रार्थी रमेश वाल्मीकि, सत्यनारायण वाल्मीकि एवं उनके परिजनों को उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि का पुनः कब्जा दिलाया गया।यह कार्रवाई अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की भावना के अनुरूप सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस अवसर पर जितेन्द्र बोयत अध्यक्ष अम्बेडकर वेलफेयर सोसायटी व सचिव एडवोकेट मुकेश धवलपुरिया एवं अनुसूचित जाति समाज के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। दिल्ली से भी प्रकरण की पैरवी एवं सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।अम्बेडकर वेलफेयर सोसायटी ने प्रशासन एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्रवाई न केवल एक गरीब परिवार के अधिकारों की बहाली है, बल्कि समाज में विधि के शासन एवं सामाजिक न्याय की स्थापना का सशक्त उदाहरण है।

