24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। नगर के आसपुर मार्ग योगिन्द्र गिरी तलहट पर स्थित श्री प्रभुदास धाम रामद्वारा में दिव्य चातुर्मास के अंतर्गत रामकथा में रामस्नेही संप्रदाय मेडता के उत्तराधिकारी संत रामनिवास शास्त्री ने रामकथा अन्तर्गत उत्तराकाण्ड प्रस्तृत किया।
शास्त्री ने बताया भारत की महिमा के अंतर्गत प्रकृति भारत माता का श्रृंगार करता है भारत मे जन्म लेने वाला मानव भारत माता से हर जन्म एक ही वरदान मांगता है कि माँ तेरा वैभव अमर रहे हम चार दिन रहे ना रहे। धर्म से जुडे रहो यदि धर्म और राष्ट्र के लिए कष्ट भी सहना पडे तो सहजता से स्वीकार कर सामना करो अन्यथा विश्व की कई शक्तिया जो भारत के विकसित स्वरूप को देख नही पाकर रहे है। भगवान सभी को सहृदय से अयोध्या के सभी से एक साथ ऐसे मिले की सभी गौरवान्वित हो गए। वानर जिन्होने विकट समय पर भगवान का सहयोग किया इसलिए कहते है कि सभी वानर भरत से ज्यादा प्रिय है। भगवान स्वयं माता कैकेयी के चरणो मे वन्दन और नमन करते है जिस घडी की इन्तजार करते थे 14 वर्ष से उसे आज पूर्ण करे राम का राज्याभिषेक कर राम राज्य की खुशी को एहसास करे। सभी अपने-अपने धाम की ओर पहुच जाते है महादेव भी पधारकर परमात्मा से उनके चरणों की भक्ति और प्रिति हमेशा ह््रदय मे बसी रहे। भक्त का वास्तविक स्वरूप बच्चे जैसा होता जो अबोध और निश्छल प्रेम रूपी समर्पण होता है। कथा में शास्त्री ने जय जय हो भारत माता जय जय भारत माता..वाह वाह रे आज आनन्द हेली.. सहित भजन देश भक्ति गीत प्रस्तृत किये। प्रभुदास समिति और महिला मण्डल और जनमानस जिन्होने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अपना सहयोग,सत्कार और समर्पण किया उनका सम्मान और अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर कई समाज द्वारा व्यासपीठ और संतो का स्वागत और अभिनन्दन चादर और भेट का समर्पण किया। गुरूवार को चातुर्मास की कथा विश्राम किया कल शुक्रवार मेडता पीठाधीश्वर रामकिशोर महाराज, जनप्रतिनिधियो और संतो के सानिध्य मे समापन समारोह मय यजमान सुगन्धलता-दिनेश शर्मा के महाप्रसाद का भी आयोजन किया जाएगा। महाप्रसाद के यजमान शीतल-सतीश भण्डारी बांसवाडा ने पण्डित विनोद त्रिवेदी के मत्रोच्चारण के साथ पोथी पूजन व आरती उतारी। के साथ विप्रवर विनोद त्रिवेदी के उपस्थिति मे मंत्रोच्चारण से पोथी- पूजन और आरती उतारी गई । इस अवसर लोकेश सोमपुरा,अशोक भट्ट,विजयराम भावसार,ललित पंचाल, शिवराम मोची,प्रभुलाल वाडेल,जितेन्द्र सुथार,नीरज शर्मा,राजेन्द्र शुक्ला,नीरज पंचाल,नरसिंग नाथालाल पटेल, गुणवन्त भावसार,प्रहलाद भावसार, जयन्तिलाल राठौर, मुकेश कुमार भावसार,कमल शर्मा,प्रभाशंकर फलोत, धर्मीलाल कंसारा,पंकज सोमपुरा,दिनेश शर्मा, रुपनारायण भावसार, ज्योति-हरिहर भावसार साबला, महेन्द्र सोमपुरा,भावसार, हेमन्त भावसार,विष्णु भावसार, हेमन्त सोमपुरा,अशोक सोमपुरा,गोवर्धनलाल शर्मा, रामकिशोर भावसार,केशवलाल बारोट,शंकरलाल यादव,सुखलाल रोत,अशोक रावल,हरिशचन्द्र सोमपुरा, लक्ष्मीकांत भावसार सहित नगर के कई समाजों के महिला पुरुष उपस्थित रहे।
राम कथा में उत्तराकाण्ड प्रस्तृत किया, चातुर्मास कथा की कथा को किया विश्राम

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