24 News Update उदयपुर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी मीरा गर्ल्स कॉलेज में बुधवार को उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब परीक्षा परिणाम में अनियमितता और मेधावी छात्राओं को स्कूटी नहीं मिलने के आरोपों को लेकर छात्राएं विरोध पर उतर आईं। गुस्साईं छात्राओं ने कॉलेज का मेन गेट बंद कर दिया और प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी को उनके चैंबर में ही बंद कर दिया। छात्राएं चैंबर के बाहर धरने पर बैठ गईं और नारेबाजी शुरू कर दी।
छात्राओं का आरोप है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रिंसिपल से बात करने पहुंची थीं, लेकिन इस दौरान प्रिंसिपल ने आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। छात्राओं के अनुसार, प्रिंसिपल ने उन्हें “बीमारी” और “कटपुतली” जैसे शब्द कहे, जिससे छात्राओं का आक्रोश और बढ़ गया।
तीन प्रमुख मांगें रखीं छात्राओं ने
छात्राओं ने आरोप लगाया कि बीए फर्स्ट, बीए फोर्थ और बीएससी सेकंड सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों में धांधली की गई है। बीएससी में जियोलॉजी, बॉटनी और केमिस्ट्री जैसे विषयों में बड़ी संख्या में छात्राओं को फेल कर दिया गया, जिसके बाद रिवैल्यूएशन के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा मेधावी छात्राओं के लिए स्वीकृत स्कूटियां तीन साल बाद भी वितरित नहीं की गईं। छात्राओं ने प्रिंसिपल के व्यवहार को भी अपमानजनक बताया। प्रिंसिपल की ओर से मीडिया को दिए बयान में बताया गया कि छात्राएं उनके पास आईं थीं व उन्होंने कहा कि जो भी परिणाम में समस्या है उसके बारे में लिख कर एप्लीकेशन दे दें, सुखाडिया विवि को भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूटी वितरण नियमित हो रहा है। सीटें फटने पर कहा कि परिसर में कुछ श्वानों की करतूत हो सकती है। लेकिन इसके लिए ठेकेदार से जिम्मेदार है, उसके साथ करार के अनुसार वो ही इसकी मरम्मत करवाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी छात्राएं माहौल बना रही हैं उनके आई कार्ड चेक किए जाने चाहिए।
एबीवीपी और पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों ने लगाए आरोप
एबीवीपी की सुमन कुंवर ने बताया कि जब वे अपनी मांगों को लेकर प्रिंसिपल से बात करने गईं, तो उन्हें अपशब्द कहे गए। वहीं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष किरण वैष्णव ने कहा कि कॉलेज में पढ़ने वाली अधिकांश छात्राएं गरीब और आदिवासी वर्ग से हैं, लेकिन इसके बावजूद हर साल फीस बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मामले की सूचना मिलते ही हाथीपोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्राओं से समझाइश कर कॉलेज का मेन गेट और प्रिंसिपल का चैंबर खुलवाया। इस दौरान छात्राओं और प्रिंसिपल के बीच आमने-सामने तीखी बहस भी हुई। पुलिस हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

