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उदयपुर: यौमे मज़दूर पर अदबी निशस्त का आयोजन, शायरों ने पेश किया शानदार कलाम

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24 News Update उदयपुर, 1 मई 2026। अन्जुमन तरक़्क़ी उर्दू, उदयपुर के ज़ेरे-एहतिमाम यौमे मज़दूर (मज़दूर दिवस) के मौके पर एक ख़ूबसूरत अदबी निशस्त का आयोजन किया गया। इस निशस्त की सरपरस्ती वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. सरवत ख़ान के ने की , जबकि निशस्त की सदारत मशहूर शायर आबिद अदीब साहब ने फ़रमाई।

निशस्त का आगाज़ मज़दूर तबक़े की मेहनत, कुर्बानियों और समाज में उनके अहम किरदार को याद करते हुए किया गया। इस अवसर पर शायरों ने अपने अश्आर के ज़रिए मज़दूरों के जज़्बात, उनकी जद्दोजहद और उनके हक़ की आवाज़ को बुलंद किया।

इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. सरवत ख़ान, देवेंद्र सिंह हिरन, डॉ. सिद्दीका हुसैन, आबिद अदीब, इंजीनियर उमर फ़ारुख़ ओमान, डॉ. रविन्द्र सिंह, डॉ. शौकत परवीन, डॉ. प्रेम भंडारी, हरीश तलरेजा तथा मनोज गीतांकर सहित कई एहले-क़लम ने अपनी शिरकत दर्ज कराते हुए निशस्त को कामयाब बनाया।

निशस्त का माहौल पूरी तरह अदबी रंग में रंगा रहा, जहां हर शायर के कलाम को खूब सराहा गया। मज़दूर दिवस के इस अवसर पर आयोजित इस निशस्त ने समाज को यह अहम पैग़ाम दिया कि अदब और शायरी के ज़रिए भी मज़दूरों के हक़ और उनकी अहमियत को बख़ूबी उजागर किया जा सकता है।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा—
“मज़दूर सिर्फ मेहनतकश नहीं, बल्कि समाज की बुनियाद हैं। उनके बिना तरक़्क़ी का कोई तसव्वुर मुमकिन नहीं। अदब का फ़र्ज़ है कि वह उनकी आवाज़ को ज़िंदा रखे।”

अंत में तमाम शायरों और मेहमानों का शुक्रिया अदा किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की अदबी महफ़िलों के आयोजन का संकल्प लिया गया।

यह जानकारी अन्जुमन के महासचिव इंजीनियर उमर फ़ारुख़ ओमान द्वारा दी गई।

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