24 News Update उदयपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चार प्रमुख रेलसेवाओं के मार्ग में कुछ स्टेशनों पर संचालन समय में आंशिक परिवर्तन किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, निम्न रेलसेवाओं के समय में बदलाव प्रभावी रहेगा— फिरोजपुर कैंट–अगरतला एक्सप्रेस (14620/14619)गाड़ी संख्या 14620 (फिरोजपुर कैंट–अगरतला) का 4 मई 2026 से अगरतला स्टेशन पर तथा 14619 (अगरतला–फिरोजपुर कैंट) का 7 मई 2026 से मार्ग के अगरतला, आमबासा, धर्मनगर, पाथारकांदी, न्यू करीमगंज, बदरपुर, न्यू हाफलंग, लामडिंग, होजाई, जागीरोड और गुवाहाटी स्टेशनों पर समय में आंशिक परिवर्तन किया जाएगा। लालगढ़–डिब्रूगढ़ अवध असम एक्सप्रेस (15910/15909)गाड़ी संख्या 15910 (लालगढ़–डिब्रूगढ़) का 30 अप्रैल 2026 से डिब्रूगढ़ स्टेशन पर तथा 15909 (डिब्रूगढ़–लालगढ़) का 5 मई 2026 से मार्ग के डिब्रूगढ़, न्यू तिनसुखिया, नाहरकटिया, भोजो, लाकवा, सिमलगुड़ी और मरियानी स्टेशनों पर समय में आंशिक बदलाव होगा। उदयपुर सिटी–कामाख्या एक्सप्रेस (19615/19616)गाड़ी संख्या 19615 (उदयपुर सिटी–कामाख्या) का 4 मई 2026 से कामाख्या स्टेशन पर तथा 19616 (कामाख्या–उदयपुर सिटी) का 7 मई 2026 से मार्ग के दलगांव, अलीपुरद्वार, कोकराझार, न्यू बंगाईगांव, गोवालपाड़ा टाउन और कामाख्या स्टेशनों पर संचालन समय बदला जाएगा। उदयपुर सिटी–न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस (19601)गाड़ी संख्या 19601 (उदयपुर सिटी–न्यू जलपाईगुड़ी) का 2 मई 2026 से न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर संचालन समय में आंशिक परिवर्तन किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व संबंधित ट्रेनों के संशोधित समय की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का गुरुवार को उदयपुर में बिना चीरे के मुंह के रास्ते किया थॉयराइड का सफल ऑपरेशन, तकनीक से मिली मरीजों को राहत; अब गले पर नहीं रहेगा ऑपरेशन का कोई निशान