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होटल की अवैध सड़क बचाने यूडीए अफसर मैदान में, जानकारी मांगी तो कहा, होटल से सहमति लेकर आओ! मिलीभगत और चाटुकारिता की नयाब मिसाल

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— जयवंत भैरविया

24 News Update उदयपुर। लेकसिटी में प्रशासनिक मिलीभगत से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। जनता की आवाज यूं तो बरसों से दब रही है मगर अब चोरी और सीनाजोरी का खेल खुद यूडीए के अफसर खेलने लग गए हैं। बेशर्मी इस हद तक कि एक होटल के बाहर की सड़क की जानकारी मांगने पर कह रहे हैं कि होटल से अनुमति लेकर आओ। इतनी ढिठाई, इतनी मिलीभगत और इस हद का भ्रष्टाचार पहले कभी नहीं देखा गया, ये भ्रष्टाचार, मिलीभगत के नए कीर्तिमान हैं। जब उदयपुर में प्रशासनिक मिलीभगत का इतिहास लिखा जाएगा तो सूचनाओं पर कुंडली मार कर अट्टहास कर रहे अफसरों व कार्मिकों का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। नदी में सड़क बना दी जो खुद चीख चीख कर अपने अवैध होने की गवाही दे रह है मगर रसूख के आगे पूरी की पूरी प्रशासनिक मशीनरी सिर झुकाए गुलाम बनकर जी हुजूरी कर रही है। सड़क की सूचना पर खुद चौकीदार बनकर पहरा दे रही है, मानों किसी धन्ना सेठ के आदेश हों कि सूचना लीक हो गई तो तुम्हारी भी धरती खिसक जाएगी, जो लाभ परिलाभ मिल रहे हैं उसमें सेंध लग जाएगी। और नेताओं व जन प्रतिनिधियों की तो बात ही क्या करें, इस मामले में इनकी हालत कठपुतलियों से भी गई बीती है। कठपुलियां भी कभी कभी अपने कला कौशल से जीवंत होने का अहसास करवा देती हैं मगर उदयपुर के सभी प्रमुख दल, सभी प्रमुख नेता और जन प्रतिनिधि इस मामले में बोलने से ऐसे डरते हैं जैसे मानों उनको भी किसी रसूखदार ने अच्छी खासी मनचाहे मुराद देकर मुंह बंद करके बिठा रखा हो।
कई बार बात हो चुकी है हमारी खबरों में ताज अरावली के बाहर की सड़क की। एक बार फिर इसकी जानकारी देने से UDA का इनकार हो गया हैं ATP ने लिखा है कि होटल से सहमति लाने पर ही बताएंगे सड़क की चौड़ाई। UDA के जिम्मेदार अधिकारी किस तरह अजीबोगरीब कारनामे करते है , जानकर हैरत जरूर हो जायेगी। ये महारथी सोचते है उनके गुनाह कभी सामने नही आएंगे और आ भी गए तो बचने की गली निकाल लेंगे, उसका ताजा नमूना हम आपको बताने जा रहे है।

सड़क निर्माण महाघोटाला, उच्च स्तरीय जांच जरूरी
उदयपुर की बहु चर्चित होटल ताज अरावली से, वही होटल ताज अरावली जो देवास परियोजना की कोडियात टनल के पास बनी हुई है और अमरजोक नदी किनारे पर है, हालांकि इस होटल के बाहर बनी सड़क ही विवादों की सबसे बड़ी जड़ है। ताज अरावली के बाहर सड़क किसने बनाई और कब बनी ये उदयपुर का कोई भी सरकारी विभाग कभी बताना नही चाहता, जल संसाधन विभाग कहता है कि न तो हमने सड़क बनाई है और न ही नदी पेटे में सड़क बनाने की NOC दी है, UDA का भी यही कहना कि सड़क हमने तो नही बनाई, तो फिर सड़क किसने बनाई ?

रिकॉर्ड में नहीं है,,, अफसरों का वेतन रूकना चाहिए
UDA के जिम्मेदार लगातार होटल ताज अरावली के एक्सटेंशन के लिए नक्शे स्वीकृत कर रहे है और हैरानी की बात ये है कि करोड़ो की इस होटल के बाहर बनी सड़क की चौड़ाई और आराजी नम्बर का UDA में कोई रिकॉर्ड ही नही है, न ही UDA द्वारा स्वीकृत किये गए किसी भी नक्शे में सड़क की चौड़ाई और आराजी नंबर बताए गए है। इसलिए हमने इस सड़क सम्बंधित जानकारी के लिए UDA में RTI लगाकर सूचना माँगी ताकि पता तो लगे कि सड़क नदी पेटे में कैसे बन गई :-
(1) उदयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम बुझड़ा में कोडियात टनल के पास ईशान क्लब् एंड होटल्स की होटल ताज अरावली के मानचित्र स्वीकृत किये गए है लेकिन किसी भी मानचित्र में सड़क की चौड़ाई दर्ज नही है, अतः उदयपुर विकास प्राधिकरण के रिकॉर्ड में किसी भी रूप में संधारित सड़क की मौजूदा चौड़ाई की सूचना प्रदान की जाए जो होटल ताज अरावली के बाहर बनी हई है।
(2) उदयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम बुझड़ा में कोडियात टनल के पास ईशान क्लब् एंड होटल्स की होटल ताज अरावली के मानचित्र स्वीकृत किये गए है लेकिन किसी भी मानचित्र में सड़क की चौड़ाई दर्ज नही है, अतः उदयपुर विकास प्राधिकरण की मौका रिपोर्ट में दर्ज सड़क की चौड़ाई की सूचना प्रदान की जाए
(3) होटल ताज अरावली के बाहर बनी सड़क के आराजी नम्बर की सूचना प्रदान की जाए
(4) होटल ताज अरावली के मानचित्र स्वीकृत करने से पूर्व मौका निरीक्षण करने वाले अधिकारियों के नाम व पदनाम की सूचना प्रदान की जाए
जिसका विधि विरुद्ध जवाब लगभग 40 दिन बाद UDA के लोक सूचना अधिकारी हेमन्द्र नागर की जगह सहायक लोक सूचना अधिकारी ने दिया, हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी ने प्रशासनिक सुधार विभाग के आदेश की पालना भी नही की और अपना नाम लिखने की जगह नाम को छुपाया।
सहायक लोक सूचना अधिकारी के बारे में हमने अपने स्तर पर पता लगाया तो वे UDA के ATP सर्वेश्वर व्यास निकले जिन्होंने RTI के जवाब में लिखा कि
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 8 (1) (र) के आलोक में बिना सुने तृतीय पक्षकारों से संबंधित सूचना को अधिनियम की धारा 11 (1) के तहत दिया जाना विधि सम्मत नहीं है। अतः आप उक्त तृतीय पक्ष / व्यक्ति से संबंधित सूचना बाबत् उसकी सहमति प्राप्त कर भिजवायें ताकि बाद सहमति अविलम्ब सूचना दी जा सकें।
फिरकी ले रहे हैं सर्वेश्वर व्यास, किसका है दबाव
UDA के ATP सर्वेश्वर व्यास की मंशा पर सवाल उठते है कि सड़क की चौड़ाई व सड़क के आराजी नम्बर को होटल की निजी जानकारी बताकर क्यों छिपा रहे है ? नक्शा स्वीकृत करने से पूर्व मौका देखने वाले अधिकारियों के नाम की जानकारी देने से क्यों घबरा रहे है ?
सर्वेश्वर व्यास का कहना है कि होटल वालो से सहमति लाओ तब देंगे सड़क की जानकारी , कमाल का जवाब या यूं कहें की मजाक है, हद है मिलीभगत और भ्रष्टाचार की।

होटल ताज अरावली के बाहर बनी सड़क का इतिहास

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