24 News update बांसवाड़ा: जिले के घाटोल क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ANM) की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। रीना मीणा और ज्योति राणा ने 10वीं की जाली मार्कशीट के जरिए स्वास्थ्य विभाग में भर्ती ली थी। मामला उजागर होने के बाद अब दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। कैसे हुआ फर्जीवाड़ा उजागर? मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), बांसवाड़ा के निर्देश पर खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO), घाटोल ने दोनों महिलाओं के दस्तावेजों की जांच करवाई। सत्यापन के लिए इनकी 10वीं की मार्कशीट मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल, भोपाल भेजी गई, जहां से पुष्टि हुई कि यह मार्कशीट नकली हैं। नियुक्ति से लेकर धोखाधड़ी तक रीना मीणा को उपस्वास्थ्य केंद्र छोटी पडाल और ज्योति राणा को उपस्वास्थ्य केंद्र उदाजी का गढ़ा में 2020 में नियुक्त किया गया था। वर्षों तक यह मामला दबा रहा, लेकिन हाल ही में जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। पुलिस ने किया केस दर्ज खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, घाटोल की शिकायत पर पुलिस ने धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग) के तहत मामला दर्ज किया है। घाटोल थाना प्रभारी प्रवीण सिंह सिसोदिया ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह भी देखा जाएगा कि क्या इस भर्ती प्रक्रिया में कोई और व्यक्ति शामिल था या अन्य स्थानों पर भी ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ है। क्या होगा आगे? ✅ सरकारी नौकरी रद्द हो सकती है।✅ दोनों महिलाओं पर कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें जेल की सजा भी संभव है।✅ अन्य फर्जी भर्तियों की जांच के आदेश जारी किए जा सकते हैं। प्रशासन का सख्त रुखस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भर्ती में गड़बड़ी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अब इस तरह की नियुक्तियों की गहन जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी न हो सके। बांसवाड़ा जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन और पुलिस की जांच आगे क्या मोड़ लेती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। फर्जी दस्तावेज़ से एएनएम नियुक्ति (मार्च 2025): दो महिलाओं, रीना मीणा और ज्योति राणा, ने फर्जी 10वीं कक्षा की अंकतालिकाएँ जमा कर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) पद पर नियुक्ति प्राप्त की। सत्यापन में दस्तावेज़ नकली पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। फर्जी मार्कशीट से जेईएन नियुक्ति (नवंबर 2024): जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में एक व्यक्ति ने फर्जी मार्कशीट के माध्यम से कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) पद पर नियुक्ति ली। दो साल की परिवीक्षा अवधि के बाद, फर्जीवाड़ा उजागर होने पर उसे बर्खास्त किया गया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। शिक्षक भर्ती में डमी अभ्यर्थी (जून 2024): शिक्षक भर्ती 2022 में डमी कैंडिडेट्स बैठाकर चयनित हुए चार शिक्षकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनमें एक महिला शिक्षिका भी शामिल थी। इस मामले में डमी कैंडिडेट्स बैठाने वाले गिरोह के सरगना को भी हिरासत में लिया गया। शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा, 7 गिरफ्तार (जुलाई 2024): बांसवाड़ा जिले में शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वनपाल भर्ती में फर्जीवाड़ा (अक्टूबर 2024): बांसवाड़ा में वनपाल भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया, जहाँ प्रधान के बेटे ने डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बैंक मैनेजर से लूटपाट: बदमाशों ने बेरहमी से पीटा, गहने और 25 हजार रुपए छीने यूट्यूब बना नकली नोटों का गुरू, पुलिस ने 1.39 लाख के जाली नोट बरामद किए