24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। नगर के आसपुर मार्ग लोहारिया तालाब के सामने स्थित कान्हड़दास धाम रामद्वारा में रामस्नेही संत किर्तीराम के सानिध्य में आज तुलसी पूजन दिवस मनाया गया।
पूजन दिवस में भक्तों द्वारा तुलसी के पौधों की पूजा-अर्चना की गई। संत किर्तीराम महाराज ने बताया कि तुलसी, जिसे वृंदा भी कहा जाता है, की पूजा की जाती है। यह माना जाता है कि जहां तुलसी का वास होता है, वहां पवित्रता, सकारात्मकता और सुख-शांति बनी रहती है। तुलसी का पौधा वातावरण को शुद्ध करता है और सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों के लिए लाभकारी है।
तुलसी पूजन पर श्रद्धालु तुलसी माता की पूजा कर अपने घर के वातावरण को शुद्ध और शांतिपूर्ण बनाते हैं। यह दिन सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक है। तुलसी ऑक्सीजन छोड़ने वाला और वायु को शुद्ध करने वाला पौधा है। तुलसी पूजन प्रभु श्री हरि की पूजा के लिए उत्तम माना गया है। भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है, ऐसे में इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। तुलसी को माता लक्ष्मी का साकार रूप माना गया है। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जिस घर में प्रतिदिन तुलसी की पूजा होती है, वहां दरिद्रता प्रवेश नहीं कर सकती। शास्त्रों का कहना है कि तुलसी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है और उसकी परिक्रमा से आर्थिक अड़चनें दूर होती हैं। आम तौर पर पेड़-पौधों को केवल प्रकृति का हिस्सा माना जाता है, लेकिन भारतीय परंपरा में उन्हें केवल प्रकृति की शोभा नहीं बल्कि दिव्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत समझा गया है। कई धर्मग्रंथों में ऐसे पौधों के बारे में बताया गया है, जिनकी श्रद्धापूर्वक पूजा करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन की विपत्तियां कम होती हैं।
प्रवक्ता बलदेव सोमपुरा ने बताया कि आज के इस कार्यक्रम में भक्तों द्वारा तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना की गई और भक्ति गीत किए गए। गुरु वाणी का पाठ भी हुआ। इस अवसर पर रामस्नेही भक्त भारत शर्मा, मुकेश दलाल, सुरेंद्र शर्मा, प्रहलाद शर्मा, नाथू परमार, राजेश्वरी शर्मा, दुर्गा पवार, शकुंतला भावसार, शकुंतला शर्मा के अतिरिक्त अन्य भक्त उपस्थित रहे।
रामद्वारा में तुलसी पूजन दिवस मनाया गया

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