कविता पारख
24newsupdate निंबाहेड़ा. जे.के. सीमेंट के निंबाहेड़ा व मांगरोल प्लांट के समीपवर्ती ग्रामों के पशुपालकों के लिए पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय, (कामधेनु विश्वविद्यालय) सरदार कृषि नगर के प्राचार्य डॉ. के.बी. पटेल के मार्गदर्शन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण भ्रमण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जे.के. सीमेंट के सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य पशुपालकों को पशुओं की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराना और व्यावसायिक पशुपालन के नए आयामों से अवगत कराना था।
जे.के. सीमेंट निंबाहेड़ा के यूनिट हेड श्री मनीष तोषनीवाल और एचआर हेड श्री प्रभाकर मिश्रा के मार्गदर्शन में हरी झंडी दिखाकर इस प्रशिक्षण भ्रमण का आयोजन किया गया। कार्यदायी संस्था जे.के. ट्रस्ट निंबाहेड़ा द्वारा 60 पशुपालकों का चयन कर उन्हें निंबाहेड़ा से पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय, सरदार कृषि नगर और बनास डेयरी – पालनपुर के लिए रवाना किया गया।
महाविद्यालय के पशुपालन विस्तार शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. भरत कुमार अश्वर ने सभी पशुपालकों का स्वागत कर पशुपालन को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने के विभिन्न उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
दूसरे दिन पशुपालकों ने बनास डेयरी के बायो सीएनजी प्लांट का भ्रमण किया, जहां प्लांट के अधिकारी श्री रामजी देसाई ने गोबर से बायो सीएनजी गैस बनाने की प्रक्रिया बताया।
इसके बाद महाविद्यालय के सेमिनार कक्ष में आयोजित सत्र में पशु चिकित्सा स्त्रीरोग एवं प्रसूति विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. चौधरी ने मादा पशुओं के जन्म से ही उचित देखभाल, खान-पान, रखरखाव और आवश्यक टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।पशुपालकों ने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों का भ्रमण किया और पशुपालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पंचासरा और सहायक अनुसंधान वैज्ञानिक डॉ. राठौड़ के मार्गदर्शन में पशुधन अनुसंधान केंद्र, सरदार कृषि नगर दातीवाड़ा (गुजरात) का भ्रमण किया गया। डॉ. राठौड़ ने देशी नस्ल की गायों और उनके दुग्ध उत्पादन की विशेषताओं पर विस्तार से जानकारी दी।
तीसरे दिन बनास डेयरी के डॉ. राम पटेल के मार्गदर्शन में पशुपालकों ने मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का भ्रमण किया। उन्होंने मक्खन, पनीर, छाछ, दूध और दूध पाउडर की पूरी पैकेजिंग प्रक्रिया को समझाया।
सी एस आर सेक्शन हेड राहुल ने बताया कि यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण भ्रमण ग्रामीण क्षेत्र में पशुधन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस पहल ने न केवल पशुपालकों को अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराया, बल्कि जे.के. सीमेंट की सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाया।

