24 News Update उदयपुर। आगामी पूर्ण चंद्र ग्रहण मंगलवार, 3 मार्च 2026 (12 फाल्गुन, शक संवत 1947) को घटित होगा। यह खगोलीय घटना भारत के पश्चिमी भाग के कुछ स्थानों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से दिखाई देगी।
मौसम विभाग के अनुसार यह चंद्र ग्रहण उस दिन शाम के समय शुरू होगा। हालांकि भारत के अधिकांश क्षेत्रों में चंद्रमा के उदय के समय ग्रहण का अंतिम चरण ही दिखाई देगा। वहीं उत्तर-पूर्वी भारत तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों पर ग्रहण के पूर्ण चरण का अंत भी देखा जा सकेगा।
ग्रहण भारतीय मानक समय के अनुसार दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ होगा और शाम 6 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होगा। इस दौरान ग्रहण की पूर्ण अवस्था शाम 4 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगी। वैज्ञानिकों के अनुसार इस ग्रहण का परिमाण 1.155 रहेगा।
यह खगोलीय घटना पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर क्षेत्र तथा अमेरिका के कई हिस्सों से स्पष्ट रूप से देखी जा सकेगी।
खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्र ग्रहण पूर्णिमा की रात तब होता है, जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया से ढक जाता है तो उसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहा जाता है, जबकि आंशिक रूप से ढकने पर आंशिक चंद्र ग्रहण होता है।
गौरतलब है कि भारत में इससे पहले 7–8 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण के रूप में दिखाई दिया था। वहीं भारत में अगला दृश्य चंद्र ग्रहण 6 जुलाई 2028 का चंद्र ग्रहण होगा, जो आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा।
मौसम विभाग ने बताया, 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण, भारत के अधिकांश हिस्सों में चंद्रोदय के समय दिखेगा समापन

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