24 News Update. नई दिल्ली। वर्ष 2027 में एक दुर्लभ खगोलीय घटना घटित होने जा रही है, जिसे खगोल वैज्ञानिकों ने ‘सदी का सूर्यग्रहण’ करार दिया है। यह पूर्ण सूर्यग्रहण 2 अगस्त 2027 को होगा और इसकी कुल अवधि लगभग 6 मिनट होगी। इतना लंबा और प्रभावशाली सूर्यग्रहण अगले 100 वर्षों तक दोबारा नहीं देखा जा सकेगा। खास बात यह है कि यह ऐतिहासिक दृश्य भारत सहित दुनिया के 11 देशों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
अद्भुत खगोलीय घटना: 6 मिनट का अंधकार
इस दिन दोपहर में लगभग 3:34 बजे से लेकर शाम 5:53 बजे तक सूर्यग्रहण देखा जाएगा। इस दौरान जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच पूरी तरह आ जाएगा, तो लगभग छह मिनट तक सूर्य की रोशनी पूरी तरह छिप जाएगी और धरती पर अंधकार छा जाएगा। यह खगोलीय घटना ‘पूर्णता के पथ’ नामक संकीर्ण पट्टी में अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
कहां-कहां दिखेगा यह सूर्यग्रहण?
यह ऐतिहासिक ग्रहण भारत, मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, मिस्र, सऊदी अरब, यमन, सूडान, सोमालिया, स्पेन, और ओमान सहित कुल 11 देशों में दिखाई देगा। इसके अलावा कनाडा के न्यूफाउंडलैंड क्षेत्र के एक छोटे से हिस्से में आंशिक सूर्यग्रहण देखा जा सकेगा।
2027 का सूर्यग्रहण क्यों है इतना खास?
यह 21वीं सदी के सबसे लंबे पूर्ण सूर्यग्रहणों में से एक होगा। इस ग्रहण की अवधि 6 मिनट तक होगी, जो आमतौर पर होने वाले पूर्ण सूर्यग्रहणों से काफी अधिक है। इसका पथ लगभग 89 मिलियन (8.9 करोड़) लोगों को प्रभावित करेगा, जो 2024 में उत्तर अमेरिका में लगे पूर्ण सूर्यग्रहण की तुलना में दोगुनी आबादी है। खगोल वैज्ञानिक इसे ‘ग्रेट नॉर्थ अफ्रीकन एक्लिप्स’ का नाम दे रहे हैं। इसे एक बार जीवन में देखने वाली दुर्लभ घटना माना जा रहा है, क्योंकि अगला ऐसा अवसर 2114 तक नहीं आएगा।
पूर्ण सूर्यग्रहण होता क्या है?
पूर्ण सूर्यग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच इस प्रकार आता है कि वह सूर्य की पूरी डिस्क को ढक लेता है। यह दृश्य पृथ्वी पर केवल एक विशेष संकीर्ण पट्टी में ही दिखाई देता है, जिसे ‘पूर्णता का पथ’ (Path of Totality) कहा जाता है। इस पथ पर आने वाले क्षेत्रों में कुछ मिनटों तक दिन में अंधेरा छा जाता है।
2025 और 2026 में भी लगेंगे ग्रहण
इससे पहले वर्ष 2025 और 2026 में दो-दो सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण लगेंगे, लेकिन उनकी अवधि और दृश्यता इतनी रोमांचक और स्पष्ट नहीं होगी जितनी 2 अगस्त 2027 के पूर्ण सूर्यग्रहण की होगी।

