24 News Update नागौर। नशा तस्करी के जरिए साम्राज्य खड़ा करने वाले अपराधियों के खिलाफ नागौर पुलिस ने एक बड़ी और नजीर पेश करने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। सुरपालिया थाना पुलिस ने कुख्यात तस्कर बहादुर सिंह उर्फ समीर द्वारा तस्करी की काली कमाई से बनाई गई करीब 50 लाख रुपए की आलीशान कोठी को शनिवार को फ्रीज (सीज) कर दिया। शातिर तस्कर ने कानूनी शिकंजे से बचने के लिए इस बेशकीमती संपत्ति को अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम करवा रखा था, लेकिन पुलिस की पैनी जांच और दिल्ली से मिले आदेशों ने उसकी इस चालाकी को नाकाम कर दिया।
6 साल की मेहनत और तस्करी की कमाई से खड़ी की कोठी
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जानेवा निवासी बहादुर सिंह पिछले 6 सालों से पुलिस की नजरों से बचकर अपनी अवैध कमाई को ठिकाने लगा रहा था। उसने नागौर के शारदापुरम इलाके में एक प्लॉट खरीदा और उस पर आलीशान मकान का निर्माण करवाया। बीकानेर के पांचू थाने में बहादुर सिंह के खिलाफ स्मैक तस्करी के दो गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें पुलिस पहले ही कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है। पुलिस का मानना है कि इन तस्करी की वारदातों से जुटाए गए धन का उपयोग ही इस निर्माणाधीन कोठी में किया गया था।
नई दिल्ली के सक्षम प्राधिकारी ने दिए आदेश
सुरपालिया थानाधिकारी सुमन कुलहरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस बेनामी संपत्ति के विरुद्ध पुख्ता सबूत जुटाए। तस्करी के पैसों और संपत्ति के संबंध को जोड़ते हुए पूरी रिपोर्ट नई दिल्ली स्थित ‘सक्षम प्राधिकारी’ (Competent Authority) के समक्ष प्रस्तुत की गई। दस्तावेजों के गहन परीक्षण के बाद दिल्ली से संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश जारी हुए। इन्हीं आदेशों की पालना में शनिवार को पुलिस जाब्ता शारदापुरम पहुंचा और एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत मकान को सीज करने की औपचारिक कार्रवाई पूरी की। अब इस संपत्ति को न तो बेचा जा सकेगा और न ही इसका हस्तांतरण होगा।
अपराधियों में कानून का भय जरूरी: एसपी
नागौर एसपी रोशन मीना ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिले में नशा तस्करों और संगठित अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस लगातार उनके आर्थिक ढांचे पर चोट कर रही है। अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को फ्रीज करना इसी रणनीति का हिस्सा है, ताकि अपराधियों में कानून का खौफ बना रहे। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के अन्य नशा तस्करों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

