कानोड में अनुपम इलेक्ट्रिकल दुकान में चोरी: 48 घंटे में खुलासा, 3 गिरफ्तार
24 News update udaipur गिरफ्तार लक्ष्मण लाल मीणा कुख्यात 007 गैंग का सदस्य निकला, जिसने अपने शरीर पर धारा 302 मर्डर, “एक जान 100 दुश्मन” जैसे टैटू गुदवा रखे हैं। मुख्य आरोपी कालुलाल भोई पर पहले से चोरी, लूट और मारपीट के 10 से अधिक केस दर्ज हैं।
16 मार्च की रात 3:15 AM पर चार बदमाशों ने बस स्टैंड कानोड पर स्थित अनुपम इलेक्ट्रिकल दुकान का शटर तोड़कर 150 किलो चांदी, 20 तोला सोना और 2.5 लाख रुपये नकद उड़ा लिए।
यह वारदात बड़ी ही सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई। मुख्य आरोपी कालुलाल भोई ने पिछले एक साल से अनुपम इलेक्ट्रिकल दुकान की रेकी कर रखी थी। उसने पूरे बाजार में लगे CCTV कैमरों की स्थिति को पहले ही समझ लिया था और ऐसा रूट चार्ट तैयार किया जिससे वे कैमरों में कैद न हो सकें।
रात 3:15 बजे चारों बदमाश मोटरसाइकिल पर सवार होकर दुकान के पास पहुंचे। उन्होंने दुकान के शटर को लोहे की रॉड और अन्य तकनीकी उपकरणों की मदद से खोला और अंदर घुस गए। अंदर जाने के बाद उन्होंने सीधे लोकर को निशाना बनाया, जिसमें बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी रखी थी।
जब वे चोरी को अंजाम दे रहे थे, तभी पुलिस गश्ती दल का वाहन उस इलाके से गुजरा। इससे घबराकर उन्होंने जो हाथ लगा, उसे लेकर तुरंत भागने का फैसला किया। वे मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर पैदल ही जंगल की ओर भाग गए।
सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को पता चला कि चोरी में इस्तेमाल मोटरसाइकिल लक्ष्मण लाल निवासी डुमातालाब चला रहा था। इसके बाद जांच में कालुलाल भोई का नाम सामने आया, जो कानोड थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
थानाधिकारी मुकेश चंद्र खटीक के नेतृत्व में टीम ने लगातार 48 घंटे तक जंगलों में छापेमारी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने चोरी किए जेवरात खेतों में गड्ढा खोदकर, देवरे के नीचे और 100 फीट गहरे कुएं में छिपाए थे। कांस्टेबल दशरथ ने कुएं में उतरकर दो घंटे की मशक्कत के बाद जेवरात बरामद किए।
✅ लक्ष्मण लाल मीणा – 007 गैंग का सदस्य, भींडर निवासी
✅ कालुलाल भोई – 10 मामलों में वांछित हिस्ट्रीशीटर
✅ किशनलाल मीणा – लसाडिया निवासी, गैंग का सदस्य
इस बड़ी कार्रवाई में एसपी योगेश गोयल, एएसपी अंजना सुखवाल, डीएसपी राजेंद्र सिंह जैन, थानाधिकारी मुकेश चंद्र खटीक, साइबर सेल प्रभारी लोकेश रायकवाल, कांस्टेबल दशरथ सहित 37 से अधिक पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।
| क्रम संख्या | पुलिसकर्मी का नाम | पद |
|---|---|---|
| 1 | योगेश गोयल | जिला पुलिस अधीक्षक |
| 2 | अंजना सुखवाल | अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खेरवाड़ा |
| 3 | राजेंद्र सिंह जैन | पुलिस उप अधीक्षक, वल्लभनगर |
| 4 | मुकेश चंद्र खटीक | थानाधिकारी, कानोड |
| 5 | पुनाराम गुर्जर | थानाधिकारी, भींडर |
| 6 | लालुराम | सहायक उपनिरीक्षक, कानोड |
| 7 | मिठु सिंह | हैड कांस्टेबल, कानोड |
| 8 | लक्ष्मण लाल | हैड कांस्टेबल |
| 9 | चेतनप्रकाश | चालक कांस्टेबल |
| 10 | अमित | कांस्टेबल |
| 11 | ओमप्रकाश | कांस्टेबल |
| 12 | भरत | कांस्टेबल |
| 13 | कोमल | कांस्टेबल |
| 14 | रिंकू | कांस्टेबल |
| 15 | सुनील वर्मा | कांस्टेबल |
| 16 | सुनील मीणा | कांस्टेबल |
| 17 | दशरथ | कांस्टेबल |
| 18 | दीपक | कांस्टेबल |
| 19 | धर्मपाल सिंह | कांस्टेबल |
| 20 | सीताराम | कांस्टेबल |
| 21 | गोविंद | कांस्टेबल |
| 22 | केवल | कांस्टेबल |
| 23 | खेमाराम | कांस्टेबल |
| 24 | भरत पाटीदार | कांस्टेबल |
| 25 | गजराज | कांस्टेबल |
| 26 | अंकित | कांस्टेबल |
| 27 | मीरा | महिला कांस्टेबल |
| 28 | द्वारिका | महिला कांस्टेबल |
| 29 | लीला | महिला कांस्टेबल |
| 30 | अनिता | महिला कांस्टेबल |
| 31 | लोकेश रायकवाल | साइबर सेल, उदयपुर |
| 32 | लोकेश | कांस्टेबल, सीओ कार्यालय वल्लभनगर |
| 33 | अनिल कुमार | कांस्टेबल, थाना खैरवाड़ा |
| 34 | नेपाल सिंह | कांस्टेबल |
| 35 | महेंद्र | कांस्टेबल, वल्लभनगर |
| 36 | संजय | कांस्टेबल |
| 37 | राजेश यादव | कांस्टेबल, वल्लभनगर |
यह पूरी टीम इस हाई-प्रोफाइल केस को हल करने में जुटी थी और अंततः सफलता प्राप्त की।

