24 news update सागवाड़ा। नगर के आसपुर मार्ग लोहारिया तालाब के सामने स्थित कान्हडदास धाम बड़ा रामद्वारा ें चातुर्मास में शाहपुरा धाम के रामस्नेही संत तिलकराम ने सत्संग में बताया की गंगा, यमुना व सरस्वती के संगम को पवित्र माना मगर संतो के संगम को उससे भी ज्यादा पवित्र माना है । धर्म से बडा संसार मे ंकोई सहारा नही होता है।संत ने कहा सत्संग पवित्र है मन गंदा हो तो भी सत्संग से पाप धुल जाते हैं सत्संग शांति का स्वरूप है यह आनंददाय है । ध्यान ही ज्ञान है। संत ने कहा धर्म से बड़ा संसार में कोई सहारा नहीं है धर्म के बिना आदमी का जीवन बिन पतवार के नाव के समान है। लोभ को पाप का बाप बताया गया है क्योंकि लोभी आदमी किसी भी हद तक पाप कर सकता है । संतोष धारण करने से सुख की प्राप्ति होती है समृद्धि बढ़ती है । जीवन में जो मिला है उसे पर्याप्त मानकर संतोष करने वाला व्यक्ति ही सुखी रहता है । लाभ की आशा करना बुरा नहीं है लेकिन लोभ करना बुरा है । जिंदगी की आकांक्षाएं कभी समाप्त नहीं होती । संत ने कहा अनादि काल से कर्मों ने आत्मा पर कब्जा कर उसकी शक्तियों को बाधित किया है ,जिसके कारण आत्मा जन्म- मरण के चक्र में बंधी रहती है । आत्मा को इस बंधन से मुक्त कराने के लिए धर्म और अध्यात्म की साधना आवश्यक है । जिसके हृदय में सच्चाई होती है उसके हृदय में परमात्मा निवास करते हैं । सत्य धर्म का अर्थ यही है कि मानव का जीवन अत्यंत शांत और राग- द्धेष रहित हो जाए । प्रवक्ता बलदेव सोमपुरा ने बताया कि- संत प्रसाद श्रीमती कैलाश सोमपुरा परिवार का रहा सत्संग मं नाथू परमार , विष्णु भावसार ,विजय पंचाल ,सत्यनारायण प्रजापत (जोधपुर) , सुरेंद्र शर्मा के अतिरिक्त सोनू प्रजापत , सविता रोत ,मीटी परमार , कडुव परमार, हंसी परमार , भानु सेवक सहित रामस्नेही भक्त उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ समापन धंबोला पुलिस की कार्रवाई, कार और टेम्पो से शराब जब्त, तीन गिरफ्तार