राजस्थान पुलिस की आधी आबादी से अनूठी अपील : राज्य की हर महिला-बालिका के मोबाइल में हो राजकॉप सिटीजन एप 24 न्यूज़ अपडेट जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राजस्थान पुलिस ने प्रदेशभर की आधी आबादी से अपील की है कि महिलाओं को आपातकालीन स्थितियों में चंद मिनटों में पुलिस सुरक्षा सुलभ कराने के उद्देश्य से विकसित किए गए राजकॉप सिटीजन एप हर महिला—बालिका के मोबाइल में डाउनलोड हो। अब तक 18.3 लाख हुए डाउनलोड : महानिदेशक पुलिस श्री उत्कल रंजन साहू ने बताया कि महिलाओं को आपातकालीन एवं गैर आपातकालीन परिस्थितियों में 24X7 सुनिश्चित पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा दिनांक 14 दिसम्बर 2024 को राजकॉप सिटीजन एप पर “मदद चाहिए (Need Help)” feature का शुभारम्भ किया गया है। अब तक 18.3 लाख से अधिक व्यक्तियों द्वारा यह डाउनलोड किया जा चुका है। एप के नए फीचर नीड हेल्प शुरू होने के बाद 1,87,040 लोगों द्वारा इसे डाउनलोड किया गया है। महिला सुरक्षा के लिए सीएम के संवेदनशील प्रयास : पुलिस महानिदेशक साहू ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देश पर सरकार द्वारा महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिए कई संवेदनशील व महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए जहां कानून को सख्त किया गया वहीं इन मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए। महिला सुरक्षा की दृष्टि से 24 घंटे चलने वाली महिला हेल्पलाइन स्थापित की गई। रात्रि में पुलिस गश्त एवं सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी लगाने के साथ महिला पुलिस स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। नीड हेल्प फीचर बना वरदान : महानिदेशक साइबर क्राइम, एससीआरबी एवं तकनीकी सेवाएं श्री हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि ने राजस्थान पुलिस के राजकॉप सिटीजन एप में जोड़ा गया ‘नीड हेल्प’ फीचर महिलाओं के लिए वरदान साबित हुआ है। यह फीचर आपातकालीन एवं गैर आपातकालीन परिस्थितियों में पीड़ित महिलाओं को बिना समय गवाएं चंद मिनटों में सहायता उपलब्ध कराता है। हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। राजस्थान पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि अपने घर की सभी महिलाओं एवं बालिकाओं के मोबाइल में राजकॉप सिटीजन एप डाउनलोड करवाएं ताकि उन्हें विषम परिस्थितियों में तत्काल पुलिस सहायता मिल सके। डीजी साइबर क्राइम श्री प्रियदर्शी ने बताया कि राजकॉप सिटीजन एप पर अब तक 13,638 लोगों ने मदद मांगी है। जिनमें अधिकांशत: का निस्तारण किया जा चुका है एप है तो सेफ है : साइबर क्राइम व एससीआरबी के महानिरीक्षक शरत कविराज ने बताया कि राजकॉप सिटीजन एप को जन—जन तक पहुंचाने के लिए टीम राजस्थान पुलिस द्वारा समर्पित प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान रूप में पुलिस द्वारा कॉलेज व कोचिंग संस्थाओं में पहुंच कर इस एप के बारे में बालिकाओं को जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। हाल ही में राजकॉप सिटीजन एप को लोकप्रिय बनाने के लिए पुलिस द्वारा ‘एप है तो सेफ है’ टेगलाइन को प्रमोट किया जा रहा है यह टेगलाइन राजस्थान पुलिस के सेंट्रल कंट्रोल रूम की प्रभारी एएसआई सुनीता शर्मा द्वारा तैयार की गई है। इन प्रकरणों में मददगार बना नीड हेल्प फीचर : (1) 4 फरवरी 2025 एक रिक्वेस्ट जोधपुर जिले से प्राप्त हुई जिसमें कोई पुरूष किसी बालिका को स्कूल जाते वक्त परेशान करता था जिसके कारण बालिका ने स्कूल जाना बन्द कर दिया था। घरवालों ने एप पर रिक्वेस्ट की और फोन पर अपनी व्यथा बताई जिस पर सेन्ट्रल कन्ट्रोल रूम प्रभारी एएसआई ने परिवाद दर्ज कर सम्बन्धित थाने को प्रेषित किया। इस पर थाने द्वारा रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाहीं की गई। (2) 12 फरवरी 2025 त्रिवेणी नगर जयपुर, महिला से छेड़छाड़, रिक्वेस्ट करने के 3 मिनट में पुलिस लोकेशन पर पहुंची और पीड़िता को बचाया उन स्थितियों में कि आरोपी ने पीड़िता का फोन तोड़ दिया था। (3) 4 मार्च 2025 एक युवती को होटल में ले जाकर साथी मित्र ने गलत हरकत करने की कोशिश की। महिला ने बाथरूम में बन्द होकर पुलिस को रिक्वेस्ट भेजी। महिला को होटल का नाम नहीं पता था। रिक्वेस्ट के 15 मिनट में होटल सर्च कर सदर थाना पुलिस ने लोकेशन पर पहुंच कर पीड़िता को बचाया । इस तरह डाउनलोड होगा राजकॉप सिटीजन एप : गूगल प्ले स्टोर/आईओएस एप स्टोर से राजकॉप सिटीजन एप डाउनलोड कर अपनी मोबाईल नम्बर या एसएसओ आईडी से लॉगिन करे। महिला द्वारा सहायता चाहने पर मदद चाहिए बटन पर क्लिक करना होगा। प्रदर्षित स्क्रीन पर तीर के निशान को स्लाईड करना होगा। महिला अपना मैसेज लिखकर या रिकॉर्ड कर सबमिट कर सकती है। एप में दिये गये सहायता अनुरोध बटन के माध्यम से स्वयं द्वारा किये गये अनुरोध को ट्रैक किया जा सकेगा एवं पुलिस वाहन को अपनी लोकेशन तक आते हुए देखा जा सकता है। वाहन के निर्धारित स्थान पर पहुंचने एवं पीड़िता को मदद उपलब्ध कराने के पश्चात् टीम द्वारा इवेंट को बंद कर दिया जावेगा। पुलिस द्वारा तुरंत उपलब्ध करायी गयी सहायता के सम्बन्ध में महिला द्वारा अपना फीडबैक दिया जा सकता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: उत्तर पश्चिम रेलवे की महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल देश की टॉप 500 कम्पनीज में इन्टर्न के रुप में काम करने के लिए 12 मार्च तक करें आवेदन, राज्य में इंटर्नशिप के लिए कुल 4 हजार 839 पद