डूंगरपुर, 7 दिसंबर।
कनाडा में दिवंगत हुए डूंगरपुर नगर परिषद के भाजपा पार्षद मोहनलाल नागदा के इंजीनियर बेटे निपुण नागदा (40) का पार्थिव शरीर रविवार को 14 दिन बाद डूंगरपुर पहुंचा। जैसे ही शव एम्बुलेंस से घर पहुंचा, परिवार चीख-पुकार से फट पड़ा। मां बेटे के शव से लिपटकर बिलखती रही। अंतिम दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। बाद में गमगीन माहौल में शव यात्रा निकाली गई और श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
कनाडा के घर में बाथरूम में गिरने के बाद रुकी थी हृदयगति
24 नवंबर को निपुण नागदा एडमॉन्टन में बैडमिंटन खेलने के बाद घर लौटे थे। बाथरूम में अचानक गिर पड़े और वहीं हृदय गति रुक गई। पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहे निपुण की मौत की खबर से डूंगरपुर में भी सदमा फैल गया।
परिवार की पीड़ा पर सरकार हुई सक्रिय: विदेश मंत्री को लिखा गया था पत्र
निपुण की मां लगातार बेटे का शव भारत लाने की गुहार लगा रही थीं। इसी पर उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत और राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने विदेश मंत्री को पत्र लिखकर शव को भारत लाने का अनुरोध किया। इसके बाद भारत सरकार ने कनाडा सरकार के साथ प्रक्रिया को तेज किया। रविवार को पार्थिव शरीर अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पहुंचा, जहां से एम्बुलेंस द्वारा डूंगरपुर लाया गया।
12 साल से कनाडा में इंजीनियर, नागरिकता भी मिल चुकी थी
परिवार के मुताबिक निपुण पिछले 12 वर्षों से एडमॉन्टन की एक कंपनी में कंप्यूटर इंजीनियर थे। उन्होंने कनाडा की नागरिकता भी ले ली थी और वहां अपना घर भी खरीद लिया था। उनकी पत्नी और दोनों बच्चे वहीं पढ़ाई कर रहे हैं।
परिवार में छाया मातम
निपुण की असामयिक मौत से परिवार में शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार के दौरान नगर परिषद के पार्षद, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

