– आयड़ तीर्थ में कल्पसूत्र के सातवें-आठवें प्रवचन में तीर्थंकरों एवं आचार्य परंपरा के जीवन चरित्र सुनाए– आयड़ तीर्थ में संत्सवरी आज, कल्पसूत्र बहोराने का होगा आयोजन– बुधवार को निकलेगी रथयात्रा एवं तपस्वी शोभायात्रा24 News Update उदयपुर, 14 सितंबर। तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में पर्वाधिराज महापर्व पर्युषण के तहत धर्म-ध्यान, पूजा-पाठ, सामायिक, पौषध एवं तप-साधना का क्रम जारी है। मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचल मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने धर्मलाभ लिया।महासभा महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि मंगलवार को आयड़ संवत्सरी के दूसरे दिन प्रात: 7 बजे रथयात्रा एवं तपस्वी शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके साथ ही कल्पसूत्र बहोराने, उसकी पांच वस्तुओं, चित्र दर्शन एवं गुरु पूजा के चढ़ावे भी लगाए जाएंगे। पर्युषण महापर्व के दौरान आयड़ तीर्थ में विभिन्न धार्मिक आयोजन नियमित रूप से जारी हैं।आयड़ तीर्थ में आयोजित धर्मसभा में आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि जैनों का पर्युषण महापर्व केवल क्षमापना का नहीं, बल्कि जीव-मैत्री का संदेश देने वाला पर्व है। पर्युषण कल्प के दौरान जीवदया, साधार्मिक भक्ति, अष्टम का तप, चैत्यपरिपाटी आदि विशेष कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा दी गई है। आचार्यश्री ने पर्युषण महापर्व के सातवें दिन कल्पसूत्र के सातवें एवं आठवें प्रवचन में तीर्थंकरों और आचार्य परंपरा के जीवन चरित्रों का वर्णन किया। सातवें प्रवचन में 23वें तीर्थंकर भगवान पाश्र्वनाथ, 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ एवं प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जीवन चरित्र सुनाए गए। साथ ही दूसरे तीर्थंकर भगवान अजितनाथ से लेकर 21वें तीर्थंकर भगवान नमिनाथ के निर्वाण काल के अंतराल का भी वर्णन किया। आठवें प्रवचन में भगवान महावीर स्वामी की पाटपरंपरा में सुधर्मास्वामी, जम्बूस्वामी, प्रभवस्वामी, शय्यंभवसूरिजी, यशोभद्रसूरिजी, भद्रबाहुस्वामी एवं स्थूलभद्रजी आदि के जीवन वृत्तांत सुनाए गए। धर्मसभा में भोपाल सिंह परमार, चंद्र सिंह, अशोक जैन, राजेंद्र जावरिया, प्रकाश नागोरी, भोपाल सिंह नाहर, हेमंत सिंघवी, राजेश जावरिया, दिनेश बापना, दिलीप चेलावत, नरेंद्र धुपिया, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation दिगम्बर जैन समाज का पर्युषण महापर्व 16 से प्रारम्भ 10 दिन तक चलेगा दसलक्षण पर्व विश्व में सबसे पहली धर्मस्थापना ऋषभदेव प्रभु ने की : आचार्य प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर