– पर्युषण महापर्व के सातवें दिन आराधना भवन में उमड़े सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं– आराधना भवन में 15 सितंबर को संवत्सरी महापर्व, सामूहिक क्षमायाचना एवं बारसा सूत्र वाचन का आयोजन 24 News update उदयपुर, 13 सितंबर। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के मालदास स्ट्रीट स्थित आराधना भवन में आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व के सातवें दिन धर्म, भक्ति एवं साधना का वातावरण बना रहा। आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज, मुनिराज नीतिप्रभ विजयजी महाराज एवं साध्वी श्रुतवर्धना श्रीजी महाराज आदि ठाणा की पावन निश्रा में आयोजित धर्मसभा में सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागी बनकर धर्मलाभ प्राप्त किया।श्रीसंघ कोषाध्यक्ष राजेश जावरिया ने बताया कि पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन 15 सितंबर को संवत्सरी महापर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर वर्षभर में जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए सामूहिक क्षमायाचना की जाएगी। कार्यक्रम के तहत सुबह 8.30 बजे बारसा सूत्र वाचन, दोपहर 2 बजे पौषध, शाम 4 बजे प्रतिक्रमण तथा इसके पश्चात सामूहिक क्षमायाचना पर्व का आयोजन होगा। साथ ही अष्टप्रकारी पूजा एवं आचार्य-साध्वी महाराज का गुरु पूजन भी किया जाएगा। गुरु पूजन के लाभार्थी राजेश-प्रेमलता जावरिया एवं अक्षत-कुशल जावरिया परिवार होंगे। आचार्यदेव की निश्रा में पर्युषण महापर्व की आराधना-साधना एवं उपासक का उपक्रम उल्लासमय वातावरण में चल रहा है। श्रावक-श्राविकाओं में परमात्म भक्ति के साथ प्रवचन श्रवण के प्रति भी उत्साह दिखाई दे रहा है। कल्पसूत्र वाचन सुनने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आराधना भवन पहुंच रहे हैं।आचार्यदेव श्रीमद् विजय प्रशमेशप्रभ सूरीश्वर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि पर्युषण महापर्व आत्मशुद्धि, संयम एवं धर्म साधना का अवसर है। इस दौरान मनुष्य को भगवान की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विश्व में सर्वप्रथम राजा जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव बने, सर्वप्रथम साधु भी वही बने और सबसे पहली धर्मस्थापना भी उन्हीं भगवंत ने की। अत: जैन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है। जिनशासन किसी से झगडऩा नहीं सिखाता, बल्कि निष्पक्षता से सत्य को खोजकर उसे अपनाने की प्रेरणा देता है।इस अवसर पर श्रीसंघ के डॉ. शैलेन्द्र हिरण, कोषाध्यक्ष राजेश जावरिया, राजकुमार बापना, नरेंद्र सिंघवी, भोपाल सिंह सिंघवी, मनीष दोशी, अभिषेक हुमड़, अशोक सेठ, प्रकाश गांधी, राकेश चेलावत, अशोक जैन, राजेंद्र कोठारी सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पर्युषण महापर्व क्षमापना के साथ जीव-मैत्री का संदेश देता है : आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर धैर्य और निर्भयता से कठिन परिस्थितियों का सामना संभव : मुनि अरहसागर महाराज