24 News Update बांसवाड़ा। त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की धर्मशाला में एक भगोड़ा शांति से सो रहा था—और उसके ठीक बगल के कमरे में पूरी रात उसे पकड़ने की तैयारी चल रही थी। गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात यह धर्मशाला केवल श्रद्धालुओं की नहीं, बल्कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की रणनीति का केंद्र बनी रही।करीब एक दशक से बैंकों को करोड़ों का चूना लगाने वाला कुख्यात आरोपी संजीव दीक्षित आखिरकार CBI के जाल में फंस गया। आरोपी ने अपनी पहचान बदल रखी थी और ‘संजय भारद्वाज’ के नाम से मंदिर की धर्मशाला के कमरे नंबर 54 में पिछले तीन दिनों से ठहरा हुआ था। हैरानी की बात यह रही कि जिस वक्त वह निश्चिंत होकर सो रहा था, उसी वक्त उसके बगल के कमरे नंबर 53 में CBI की टीम पूरी रात निगरानी में डटी हुई थी।CBI को इनपुट मिला था कि 20 से 25 करोड़ रुपए की बैंक ठगी का आरोपी नाम बदलकर त्रिपुरा सुंदरी मंदिर क्षेत्र में छिपा है। गुरुवार रात करीब 9 बजे टीम बांसवाड़ा पहुंची, धर्मशाला की पड़ताल की और सटीक पहचान के बाद दिन निकलने तक इंतजार करने की रणनीति बनाई। शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे बांसवाड़ा पुलिस के जाब्ते के साथ CBI ने कार्रवाई कर 10 साल से फरार आरोपी को धर दबोचा।गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से पांच मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं, जिनसे ठगी के नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।नाम बदले, दस्तावेज बदले… ठगी की पूरी पाठशालाउत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला संजीव दीक्षित ठगी की दुनिया का पुराना खिलाड़ी है। उसने पंकज भारद्वाज, संजय शर्मा और अन्य कई नामों से फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंकों से लोन लिया और रकम हड़प ली। खुद को कभी ज्योतिष तो कभी कारोबारी बताकर वह वर्षों तक एजेंसियों को चकमा देता रहा।CBI ने इसी नेटवर्क से जुड़े एक अन्य मामले में आरोपी की पत्नी आरती शर्मा को वडोदरा से गिरफ्तार किया है, जिससे यह साफ होता है कि ठगी का यह खेल अकेले नहीं, बल्कि संगठित तरीके से खेला जा रहा था।कस्टडी से फरारी और भगोड़ा घोषित होने की कहानीसंजीव दीक्षित के खिलाफ साल 2013 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक लोन लेने का मामला दर्ज हुआ था। 2014 में CBI ने उसे गिरफ्तार भी किया, लेकिन 2016 में वह सोनीपत पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया। एक साल तक गिरफ्त से बाहर रहने के बाद 2017 में CBI कोर्ट ने उसे आधिकारिक तौर पर भगोड़ा घोषित कर दिया। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।दिल्ली नंबर की कार, बीकानेर कनेक्शनसूत्रों के अनुसार आरोपी दिल्ली पासिंग नंबर की कार से त्रिपुरा सुंदरी मंदिर पहुंचा था। यह कार बीकानेर के एक व्यक्ति के नाम से पंजीकृत बताई जा रही है। फिलहाल वाहन को सदर थाना परिसर में खड़ा करवाया गया है और इसकी जांच की जा रही है।अब कोर्ट से दिल्ली तक की राहगिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर CBI उसे पहले वडोदरा और फिर दिल्ली ले जाएगी। पूछताछ में ठगी के पूरे नेटवर्क, बैंकिंग लूपहोल और सहयोगियों के नाम उजागर होने की उम्मीद है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आरा मशीन फैक्ट्री में हादसा, श्रमिक का हाथ गंभीर रूप से घायल खेल की उम्र, ज़हर का स्वाद: बांसवाड़ा में चार मासूमों की जान पर बन आई