उदयपुर, 19 सितंबर। फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका में चेयरमैन चुनाव से पहले सियासत का घमासान चरम पर आ रहा है। खुले आरोप-प्रत्यारोप के दौर में एक तरफ कांग्रेस विधायक पुष्कर लाल डांगी ने 14 पार्षद अपने साथ होने और निर्दलीय ममता चपलोत को समर्थन देने का दावा किया है। उन्होंने कांग्रेस के समर्थन से बोर्ड बनने की बात कही है, दूसरी तरफ स्थानीय राजनीतिक खेमों के बीच अब तक राजनीतिक रूप से मसल पावर मैनेज करने वालों की खासी किरकिरी होना शुरू हो गई है। सामाजिक रूप से लोग अब खुलेआम पैसों का पावर दिखाने की तोहमत लगाना शुरू कर चुके हैं। लोगों में पावरफुल लोगों के अवैध धंधों, अतिक्रमणों और अतीत के कारनामों की फाइलें खुलना शुरू हो गईं हैं। चुनावी मुकाबला अब सिर्फ चेयरमैन की कुर्सी तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि पिछले राजनीतिक फैसलों और नगर पालिका के अफसरों की एकतरफा कार्यप्रणाली भी बहस के केंद्र में आ गई है। लोगों का भरोसा खाकी और अफसरशाही से उठता हुआ दिख रहा है।आज 24 न्यूज अपडेट से खास बातचीत में विधायक पुष्कर डांगी ने दावा किया कि उनके खेमे के पास 14 पार्षद हैं, जबकि दूसरे पक्ष भाजपा के पास 11 पार्षद हैं। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी ममता चपलोत को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस बीच एक और खबर आई है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत के रिश्तेदारों की पोलिटिकल जमीन को बचाने के लिए लिखी जा रही पटकथा में नाथद्वारा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का भी भरपूर सहयोग व मार्ग दर्शन मिल रहा है। पुलिस पहुंचने पर डांगी के सवाल डांगी ने कहा उन्हें फोन आया कि हमारे ठहरने के स्थन पर पुलिस आई है। जब वे वहां पहुंचे तब तक कमरों की जांच की जा चुकी थी। विधायक ने सवाल उठाया कि तलाशी के लिए सर्च वारंट कहां था किसके पास था और कार्रवाई किस आधार पर की गई। अगर कोई जांच करनी थी तो उसकी विधिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। डांगी ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस किसके कहने पर पहुंची और क्या पूरी कार्रवाई रोजमर्रा की कार्यवाही में दर्ज की गई। यह सरासर लोकतंत्र का गला घोंटने वाली असंवैधानिक प्रक्रिया है। कांग्रेस का बोर्ड बनेगा डांगी ने साफ कहा कि कांग्रेस अपना बोर्ड बनाएगी। उन्होंने राजनीतिक दबाव और परेशान किए जाने के आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी ओर से कानून और संविधान के अनुसार काम किया जाएगा और पद का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा। चपलोत को नोटिस को लेकर विधायक ने सवाल उठाए। उनका कहना था कि राजनीतिक विरोध के बीच में इस तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं थी। उन्हें परेशान करने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। वार्ड 20 से टिकट को लेकर नई सियासी कहानी इस राजनीतिक संघर्ष में टिकट वितरण का मुद्दा भी सामने आ गया है। नए राजनीतिक इनपुट के अनुसार, वार्ड 20 सामान्य महिला के लिए आरक्षित था, लेकिन यहां कांग्रेस की ओर से OBC वर्ग को टिकट दिए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में प्रभारी रोशन सुथार, पुष्कर तेली और भंवरसिंह पंवार की भूमिका को लेकर राजनीतिक आरोप लगाए गए हैं। आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि यहीं से मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम की पटकथा तैयार हुई। एक और घटना का जिक्र किया जा रहा है जिसमें विरोधी पार्षद को हाईजैक करके गाड़ी में डालकर ले जाने और खुद को निर्विरोध जिताने की कोशिशों की बात कहीं जा रही है। इस बीच राजनीतिक खेमों में अब दूसरे वार्डों के पार्षदों के रुख को लेकर भी चर्चा तेज है। कांग्रेस खेमे की ओर से समर्थन का आंकड़ा बढ़ाकर 17 तक पहुंचाने के दावे भी सामने आए हैं। डॉ. सीपी जोशी के नाम की एंट्री चेयरमैन चुनाव की इस सियासी पटकथा में अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. सीपी जोशी के नाम का भी उल्लेख सामने आया है। राजनीतिक चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि राजेश चपलोत को लेकर भी उनकी भूमिका पर नजर है। हालांकि इस संबंध में किसी औपचारिक राजनीतिक घोषणा या पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। अब जमीन और निर्माण भी चुनावी बहस का हिस्सा राजनीतिक आरोपों का दायरा अब नगर पालिका की जमीन और निर्माण व्यवस्था तक पहुंच गया है। नए इनपुट में एक होटल और स्कूल के निर्माण को लेकर अतिक्रमण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं जिस पर नगर पालिका की नेाटिस देने की हिम्मत नहीं हो रही है। आरोप है कि मेन रोड पर करीब 10 फीट तक अवैध होटल निर्माण है और स्कूल के निर्माण में भी अतिक्रमण है। जमीन माफिया प्रभावित कर रहे हैंराजनीतिक बयानबाजी में नगर पालिका पर जमीन से जुड़े प्रभाव का आरोप भी लगाया गया है। आरोप है कि सरकारी जमीन पर कब्जे और भूदान एवं सरकारी जमीन के पट्टों में अनियमितताएं हुई हैं। इन मामलों में ACB जांच की मांग भी उठाई गई है। दस्तावेजों का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में डिस्पैच रजिस्टर में रिकॉर्ड नहीं होने के बावजूद पट्टे जारी किए गए। काउंटिंग में इतने दिन क्यों??डांगी ने काउंटिंग के बाद चेयरमैन चुनाव के लिए इतने दिन का समय दिए जाने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि काउंटिंग तुरंत पूरी होनी चाहिए थी और इतने लंबे अंतराल की जरूरत नहीं थी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation इस बार नहीं हुई मानसून की मेहरबानी : फतेहसागर 7.5 फीट, उदयसागर 6.4 और वल्लभनगर 6.4 फीट खाली अशोक नगर जैन मंदिर में भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर चढ़ाया निर्वाण लड्डू