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कलेक्टर ने कसी निगम अफसरों पर नकेल, अतिक्रमण हटाने से 72 घंटे पहले ढोल बजा कर बताना होगा जरूरी

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24 News Update उदयपुर, 19 नवम्बर। जिला कलक्टर एवं नगर निगम के प्रशासक नमित मेहता ने बुधवार को नगर निगम अधिकारियों की बैठक लेकर शहर की साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों पर नकेल कसते हुए साफ निर्देश दिए कि सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित व्यापारियों और परिवारों को कम से कम 72 घंटे पूर्व मुनादी, डोर-टू-डोर संपर्क या माइक से सूचना देना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है, इसलिए लोगों को पर्याप्त समय देकर स्वयं सामान हटाने का मौका दिया जाए।
अभी हो यह रहा है कि नेताओं की चरण वंदना के चक्कर में अफसर जब चाहें अतिक्रमण हटाने के आदेश दे देता है। अमला जब चाहे निकल पड़ता है, जब चाहे फिर से कार्रवाई बंद कर दी जाती है। अब मुनादी होने से लोगों का नुकसान नहीं होगा।
कलक्टर मेहता ने बताया कि पर्यटन सीजन और विवाह आयोजनों की अधिकता को देखते हुए शहर में साफ-सफाई और यातायात व्यवस्थाएं चाकचौबंद रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि निगम की अतिक्रमण-विरोधी कार्यवाही पूरी तरह पारदर्शी और पूर्व सूचना आधारित होनी चाहिए।

बैठक में हाथीपोल सब्जी मंडी की शिफ्टिंग को सही तरीके से पूरा करने और इसके बाद अन्य चिन्हित स्थानों पर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि शहर के दो-तीन स्थानों पर नई पार्किंग विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।

कलक्टर ने सफाई व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों से फीडबैक लिया और निर्देश दिए कि सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, जर्जर इकाइयों की मरम्मत कराई जाए तथा अनुपयोगी हो चुके ढांचों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन में शहर की नकारात्मक छवि न बने, यह सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर भी उन्होंने व्यापक कार्ययोजना तैयार करने और दिसम्बर के प्रथम सप्ताह से उसकी प्रभावी क्रियान्विति करने के निर्देश दिए।

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