24 News Update उदयपुर। शहर में रात्रि के समय लूट की नीयत से एक मजदूर की नृशंस हत्या के मामले में हिरणमगरी थाना पुलिस ने तेज़ और सटीक कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक विधि से संघर्षरत नाबालिग बालक को डिटेन किया गया है। फरार तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पूरे मामले में दिलचस्प बात यह रही कि एक बार फिर आरोपियों ने पेशाब करने के बहाने भागने का आजमाया हुआ नुस्खा अपनाया और पुलिस जाब्ते के होते हुए पुलिस के अनुसार भागने का प्रयास किया व टांगे तुड़वा बैठे। मगर अबकी बार नई बात ये हुई है कि कोर्ट के आदेशों के बाद प्रतिबंध चलते अपराधियों के ना तो टूटी हुई टांगों वाले फोटो आए ना ही लंगड़ाते हुए वीडियो जारी किए गए।
यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा और वृताधिकारी नगर पूर्व सूर्यवीर सिंह के सुपरविजन में की गई। हिरणमगरी थानाधिकारी भरत योगी के नेतृत्व में गठित टीम ने 5 फरवरी 2026 की रात सेक्टर-8 स्थित पंडित पराठा रेस्टोरेंट के सामने हुई हत्या की गुत्थी सुलझाई। मृतक प्रेम गमेती की चाकू मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में अभियुक्त ईश्वर अहारी उर्फ जैरी (21) पुत्र जीवतराम, निवासी श्यामपुरा बैसला फला थाना कल्याणपुर, हाल कच्ची बस्ती विजय सिंह पथिक नगर, सविना को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसका एक नाबालिग साथी पुलिस हिरासत में है।
सुबह काम पर निकला, शाम को लौटा शव
प्रकरण के अनुसार मृतक की पत्नी नंदनी (नन्दु) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि प्रेम गमेती रोज़ की तरह सुबह करीब 4.30 बजे हमाली के काम के लिए घर से निकला था। कुछ ही देर बाद उसके पास फोन आया कि तीन लोगों ने उसे चाकू मार दिया है। परिजन मौके पर पहुंचे और उसे सैटेलाइट अस्पताल होते हुए महाराणा भूपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस पर थाना हिरणमगरी में प्रकरण संख्या 46/2026 धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
सीसीटीवी, सूचना और नाकाबंदी से शिकंजा
हत्या की सूचना मिलते ही एसपी योगेश गोयल के निर्देशन में हिरणमगरी, सविना थाना और डीएसटी की संयुक्त टीमें बनाई गईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, आसूचना संकलित की और अभियुक्त ईश्वर मीणा उर्फ जैरी, एक नाबालिग तथा तीसरे साथी जगदीश मीणा उर्फ जग्गू (निवासी विजय सिंह पथिक नगर) को नामजद किया। तलाश के दौरान सूचना मिली कि आरोपी बस से गुजरात की ओर भाग रहे हैं। इस पर बिच्छीवाड़ा थाना और गुजरात के गम्बोई थाने की मदद से नाकाबंदी कर बस रोकी गई, जहां से जैरी और नाबालिग को डिटेन किया गया।
उदयपुर लाते समय बलीचा के पास दोनों ने पेशाब के बहाने वाहन रुकवाकर हाईवे किनारे खाई में कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। खाई में गिरने से दोनों को पैरों व शरीर में चोटें आईं, जिन्हें गीतांजली अस्पताल में इलाज के बाद थाने लाया गया। नाबालिग को बाल डेस्क में बैठाया गया है। तीसरा आरोपी जगदीश उर्फ जग्गू अभी फरार है।
टीमवर्क से मिली सफलता
इस खुलासे में हिरणमगरी थाना टीम के भरत योगी (थानाधिकारी), ममता देवी (उप निरीक्षक), वसना राम, मोहनपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, भगवती लाल, कल्पेश, नंद किशोर, मुकेश कुमार, विकास कुमार, किरेन्द्र सिंह और प्रताप सिंह की अहम भूमिका रही।
सविना थाना से लादूराम (उप निरीक्षक), कृष्णप्रताप सिंह (विशेष भूमिका), मांगीलाल (विशेष भूमिका) और आनंद रत्नू शामिल रहे।
वृत सर्कल पूर्व उदयपुर से शक्ति सिंह, अर्जुन सिंह, नागेन्द्र सिंह और अनिल ने कार्रवाई में सहयोग किया।

