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पिंजरा खुला, मगर सवा घंटे बाद बाहर आया बाघ…..!!!

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कोटा। मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शुक्रवार शाम वन्यजीवन संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम देखने को मिला। रणथंभौर से लाए गए युवा नर बाघ टी-2408 को पूरी निगरानी और तैयारी के बाद खुले जंगल में रिलीज कर दिया गया। सॉफ्ट एनक्लोजर का गेट खुलने के करीब सवा घंटे बाद बाघ ने बाहर निकलकर 82 वर्ग किलोमीटर में फैले मुकंदरा के जंगल की ओर कदम बढ़ाया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह रिलीज प्रक्रिया पूरी तरह योजनाबद्ध रही। शाम करीब 6 बजे एनक्लोजर के गेट खोले गए, लेकिन बाघ ने जल्दबाज़ी नहीं की। आसपास के माहौल को परखने के बाद करीब सवा सात बजे वह एनक्लोजर से बाहर निकला। इस पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड करने के लिए गेट पर तीन कैमरा ट्रैप लगाए गए थे, जिनमें बाघ के जंगल में प्रवेश करते दृश्य कैद हुए।

सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया कि टी-2408 को एक सप्ताह पहले रणथंभौर से मुकंदरा लाया गया था। यहां 21 हेक्टेयर के सॉफ्ट एनक्लोजर में रखकर उसकी सेहत, व्यवहार और अनुकूलन क्षमता पर लगातार नजर रखी गई। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही उसे खुले जंगल में छोड़ा गया।

अब मुकंदरा के इसी क्षेत्र में पहले से मौजूद बाघिन ‘कनकटी’ (टी-93) के साथ टी-2408 अपनी टेरिटरी विकसित करेगा। माना जा रहा है कि दोनों की मौजूदगी से रिजर्व में बाघों की प्राकृतिक गतिविधियों और भविष्य में प्रजनन की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।

गौरतलब है कि 9 जनवरी को टी-2408 को रणथंभौर की खंडार रेंज से ट्रेंकुलाइज कर कोटा लाया गया था। करीब चार साल का यह बाघ रणथंभौर की प्रसिद्ध बाघिन टी-93 और बाघ टी-96 का पुत्र है। रणथंभौर में यह बाघिन ‘रिद्धि’ के संपर्क में भी रह चुका है।

वन विभाग का मानना है कि टी-2408 की रिहाई से मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या और जैव विविधता को नया बल मिलेगा, साथ ही यह क्षेत्र भविष्य में एक मजबूत टाइगर लैंडस्केप के रूप में उभरेगा।

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