24 News Update पाली। पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया के भाजपा छोड़ने को लेकर प्रदेश सरकार में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। पाली प्रवास के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मालवीयाजी जिस मानसिकता के साथ भाजपा में आए थे, उसी मानसिकता के साथ उन्होंने पार्टी से विदा ली है। मंत्री खर्रा ने कहा कि कांग्रेस छोड़ते समय महेन्द्रजीत सिंह मालवीयाजी ने यह तर्क दिया था कि उनकी क्षमताओं और योगदान को वहां सम्मान नहीं मिल रहा है। इसके बाद भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया। लेकिन चुनाव परिणामों में जनता ने उनके राजनीतिक कद का मूल्यांकन कर दिया। चुनाव में पराजय के बाद अब पार्टी छोड़ने का निर्णय उनका निजी फैसला है, इसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि मालवीयाजी को अब यह महसूस हो रहा है कि कांग्रेस में उन्हें फिर से राजनीतिक आधार मिल सकता है, तो यह पूरी तरह उनकी अपनी सोच और आकलन है।
यह टिप्पणी मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सोमवार दोपहर पाली जिला परिषद सभागार में आयोजित बजट 2026-27 संवाद एवं सुझाव कार्यक्रम के बाद प्रेस से बातचीत के दौरान की। कार्यक्रम में शहरवासी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रेसवार्ता में मंत्री खर्रा ने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि मालवीयाजी का ऐसा कौन-सा सार्वजनिक कार्य था जो भाजपा सरकार के कार्यकाल में पूरा नहीं हुआ। यदि किसी प्रकार का निजी या व्यक्तिगत हित से जुड़ा मामला रहा हो तो वह अलग विषय है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के नेतृत्व में आमजन से जुड़े विकास कार्य निरंतर प्रगति पर हैं और इसका सीधा लाभ जनता तक पहुंच रहा है।
भाजपा ने टिकट दिया, जनता ने जवाब दे दिया — मालवीया पर खर्रा का तीखा प्रहार

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