24 News Update जयपुर/उदयपुर। मध्य-पूर्व के देशों में चल रहे युद्ध और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बन रही अनिश्चितता के बीच आम लोगों तक रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अंबरीष कुमार ने सभी जिलों के जिला रसद अधिकारियों को एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेशभर के जिला रसद अधिकारियों को ऑनलाइन जोड़ा गया। बैठक में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखें, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
हर जिले में बनेगी विशेष जांच टीम
बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रत्येक जिले में एलपीजी वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए विशेष प्रवर्तन दल (स्पेशल एन्फोर्समेंट टीम) गठित किया जाएगा। इसमें रसद विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।
यह टीम घरेलू और व्यावसायिक दोनों प्रकार के गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर नजर रखेगी और बाजार में जमाखोरी या कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेगी।
प्राथमिक सेक्टर को पहले आपूर्ति
सचिव अंबरीष कुमार ने निर्देश दिए कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्राथमिक सेक्टरों—जैसे अस्पताल, शिक्षण संस्थान और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों—को गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर जारी रखी जाए। इसके साथ ही आम उपभोक्ताओं को भी समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि बाजार में किसी तरह का पैनिक न फैले।
एजेंसियों की होगी रेंडम जांच
निर्देशों के अनुसार विशेष टीम हर सप्ताह कम से कम दो गैस एजेंसियों की रेंडम जांच करेगी। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि तेल कंपनियों से एजेंसी को प्रतिदिन कितने सिलेंडर प्राप्त हुए और उनका वितरण किन उपभोक्ताओं तक हुआ। साथ ही एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर और वितरण रिकॉर्ड का भी मिलान किया जाएगा। यदि किसी एजेंसी के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई, जरूरत से ज्यादा स्टॉक मिला या आपूर्ति में अनियमितता सामने आई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

