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खाड़ी तनाव के बीच गैस को लेकर प्रशासन अलर्ट: उदयपुर में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

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24 News Update उदयपुर। खाड़ी देशों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण देश के कई हिस्सों में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बनी आशंकाओं के बीच उदयपुर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
इसी संदर्भ में जिला कलक्टर नमित मेहता ने बुधवार को उदयपुर स्थित कलक्ट्रेट के मिनी सभागार में एलपीजी वितरकों और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में गैस वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन को गैस आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और जमाखोरी या कालाबाजारी की किसी भी शिकायत पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला रसद अधिकारी मनीष भटनागर ने जानकारी दी कि उदयपुर जिले में कुल 44 एलपीजी वितरक कार्यरत हैं। इनमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 8, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 18 और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 18 वितरक शामिल हैं।
जिले में कुल 7 लाख 54 हजार 405 घरेलू गैस कनेक्शनधारक हैं। इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 3 लाख 63 हजार 142 लाभार्थी तथा 3 लाख 9 हजार 957 सामान्य उपभोक्ता शामिल हैं। वर्तमान में जिले में प्रतिदिन करीब 10 हजार घरेलू गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है और बुकिंग के बाद 48 से 72 घंटे के भीतर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस कनेक्शनधारकों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों और चिकित्सा संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं व्यावसायिक उपयोग के लिए जिले में प्रतिदिन लगभग 1000 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।
कलक्टर मेहता ने निर्देश दिए कि गैर-घरेलू सिलेंडरों का भी पर्याप्त भंडारण रखा जाए ताकि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य संस्थानों की जरूरतें भी समय पर पूरी हो सकें। उन्होंने कहा कि गैस वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहनी चाहिए, जिससे आम उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
बैठक में जितेंद्र ओझा, अवुला सांईकृष्ण, अजय पटेल, श्लोक गुप्ता, दीपक आचार्य और धर्मेंद्र सहित विभिन्न गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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