24 News Update डूंगरपुर। जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र में प्रशासन, पुलिस और सामाजिक संगठनों की संयुक्त कार्रवाई में दो नाबालिग भाई-बहन का बाल विवाह रुकवाया गया। बांकड़ा पंचायत के नया गांव में चल रही शादी की तैयारियों के बीच टीम ने मौके पर पहुंचकर समय रहते हस्तक्षेप किया और बाल विवाह को रोक दिया।
एसडीएम विवेक गुर्जर ने बताया कि बाल अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन को सूचना मिली थी कि नया गांव में एक ही परिवार में भाई-बहन का बाल विवाह होने जा रहा है। सूचना मिलते ही ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र मीणा, धंबोला थाना पुलिस से एएसआई छतर सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन से सुपरवाइजर कमलेश जैन, अनीता भील, सृष्टि सेवा संस्थान के जिला समन्वयक सुरेश होली तथा एएनएम रेखा वाघेला की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
मौके पर टीम ने देखा कि घर में शादी की रस्में चल रही थीं और दोनों नाबालिगों के शरीर पर हल्दी लगी हुई थी। परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि बालक की शादी 18 अप्रैल और बालिका की शादी 21 अप्रैल को तय की गई थी। टीम द्वारा आधार कार्ड और शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच करने पर बालिका की उम्र 14 वर्ष और बालक की उम्र करीब 15 वर्ष पाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों कोबाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और दंडात्मक कार्रवाई के बारे में विस्तार से समझाया। समझाइश के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में आश्वासन दिया कि बच्चों की शादी कानूनी उम्र पूरी होने के बाद ही की जाएगी। मौके पर पंचनामा तैयार कर कार्रवाई पूरी की गई।
डूंगरपुर में बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई, 14 वर्षीय बहन व 15 वर्षीय भाई की शादी रुकवाई

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