24 News Update डूंगरपुर । शहर के पातेला बस्ती स्थित सेंट पोल स्कूल हॉस्टल में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान हॉस्टल में दो छात्राओं सहित आठ बच्चे गंभीर रूप से बीमार मिले, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं अन्य बच्चों की जांच के लिए हॉस्टल में ही स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।
गंदगी और अव्यवस्था का आलम
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रणछोड़लाल डामोर, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अमृतलाल यादव, स्वास्थ्य विभाग से ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. राहुल जैन और डीपीएम डॉ. मनीष शर्मा की टीम ने हॉस्टल का निरीक्षण किया। कमरों और बिस्तरों पर फंगस जमा मिला। कई बच्चे बुखार से तपते हुए रजाइयों में पड़े थे। हॉस्टल में न तो लाइट की सुविधा थी, न पंखे। एक ही कमरे में कई बच्चों को डबल डेकर बेड पर ठूंस-ठूंसकर रखा गया था।
किचन में मरा चूहा, फंगस लगी प्लेटें
टीम ने किचन की जांच में गंदगी के ढेर पाए। भोजन सामग्री में मरा हुआ चूहा मिला। बच्चों ने कीड़े वाले खाने की शिकायत भी की। खाने की प्लेटें और बर्तन गंदे और फंगस लगे हुए थे। पानी की टंकी में सड़ा-गला हरा पानी मिला, जिससे बदबू उठ रही थी। पूरे परिसर में कूड़ा-करकट फैला हुआ था और सफाई के कोई इंतजाम नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने खाने की सैंपलिंग करवाई है।
बच्चों ने की मारपीट की शिकायत
जांच के दौरान छात्रों ने हॉस्टल प्रबंधन पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया। कई बच्चों ने अपने हाथ-पांव पर चोट के निशान दिखाए और बताया कि उन्हें डंडों से मारा जाता है। शिकायत पर कोतवाली सीआई शैलेंद्र सिंह, सीडब्ल्यूसी टीम और एसडीएम मौके पर पहुंचे और बच्चों से बातचीत की। अधिकारियों ने स्कूल प्रिंसिपल और हॉस्टल वार्डन को कड़ी फटकार लगाई और सभी व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
डूंगरपुर के सेंट पोल स्कूल हॉस्टल में लापरवाही का खुलासा, 10 बच्चे बीमार, किचन से मरा चूहा मिला

Advertisements
