24 News Update निंबाहेड़ा (कविता पारख)। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के अधीक्षण अभियंता हंसराम मीणा व अधिशाषी अभियंता सत्यनारायण वर्मा के निर्देशानुसार आज कासोद दरवाजा सत्यनारायण मंदिर के सामने स्थानीय निवासियों के साथ जागरूकता कार्यक्रम के तहत बैठक आयोजित की गयी जिसमे सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता इकाई के सहायक सामाजिक विकास अधिकारी तनुजा मरेठा ने बताया की “जल है तो कल है”, बावजूद इसके जल बेवजह बर्बाद किया जाता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जल-संकट का समाधान जल के संरक्षण से ही है। हम हमेशा से सुनते आये हैं “जल ही जीवन है”। जल के बिना सुनहरे कल की कल्पना नहीं की जा सकती, जीवन के सभी कार्यों का निष्पादन करने के लिये जल की आवश्यकता होती है तथा आमजन को बताया की शहर मैं नई जल प्रदाय योजना के अंतर्गत पानी पर्याप्त एवं पूर्ण प्रेशर के साथ व मीटर युक्त मिलेगा और आमजन से अपील की जल सरंक्षण हमारा दायित्व ही नहीं कर्तव्य भी है पानी को किसी भी तरह बर्बाद नहीं करे आवश्यकतानुसार ही जल का उपयोग करे पानी की एक एक बून्द बचाएं आज की बचत कल का भविष्य है व कहा की आप इसमें सहयोग करे और अपने परिवार वालों से भी सहयोग के बारे मैं कहे कार्यक्रम मैं पानी के सरंक्षण पर महिलाओं एवं पुरुषों की अहम भूमिका निभाने को कहा,जल ही जीवन है जल के बिना जीवन की कल्पना मुश्किल है , परियोजाना के तहत किये जा रहे विकास कार्यों से भविष्य में मिलने वाले लाभो और सुविधाओ के बेहतर उपाय व रख रखरखाव पर बात की इस समुह चर्चा में बताया की फर्श को पाइप से धोने की बजाय पोछे से साफ करे सेविंग करते वक्त नल को खुला ना छोड़े मग में पानी लेकर सेव करे इस प्रकार की छोटी छोटी आदतों से बहुत सारा पीने वाला पानी बचाया जा सकता है जो आज की बचत और कल का भविष्य है और इसमें बच्चे अपना अहम रोल निभा सकते है इसलिए अब समय आ गया है जब महिलाओं को आगे आकर पानी को बचाने के उपाय करने होंगे , जिससे कि जल संरक्षण के प्रति महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। सोसियल आउट रिच टीम से रवीना व सपना ने भाग लिया।
जल संकट का समाधान, जल संरक्षण –

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