24 News Update उदयपुर। जल संरक्षण की अहमियत को लेकर नवकार इंटरनेशनल संस्थान में शुक्रवार को एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जल विशेषज्ञ डॉ. पीसी जैन ने विद्यार्थियों को जल की महत्ता और भविष्य में उत्पन्न होने वाली जल संकट की गंभीरता के प्रति सचेत किया। कार्यशाला में नाटक और संवाद के माध्यम से जल के संरक्षण का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना और मटकी जल पूजन के साथ हुई। उदयपुर से पधारे डॉ. पीसी जैन का स्वागत मेवाड़ी परंपरा अनुसार साफा और उपरना पहनाकर महाविद्यालय के सीईओ अभय कुमार बाफना और प्रिंसिपल मोहनलाल जी ने किया।
अपने प्रेरक संबोधन में डॉ. जैन ने जल संकट को रोकने के लिए सामूहिक जागरूकता और नवाचारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “यदि आज जल नहीं बचाया गया, तो आने वाला कल अंधकारमय हो सकता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को जल बचाने के व्यावहारिक तरीके भी बताए।
कार्यक्रम में खुशी जैन ने मंच संचालन किया और रेनू सुखवाल ने आगंतुकों का परिचय दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के मनोहर पाटीदार, मुकेश कुमावत सहित छात्र-छात्राएं दृ खुशी कठोर, अर्पिता पोरवाल, शबनम बानो, मेघ दास, रमाकांत धाकड़, गौरव अहीर, कौशल विकास और अर्जुन प्रजापत दृ ने जल संरक्षण पर आधारित नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रभावशाली अभिनय किया।
कार्यक्रम के अंत में नवकार इंटरनेशनल संस्थान के अध्यक्ष पुखराज जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल संरक्षण को लेकर युवाओं में जो जागरूकता दिखी, वह आने वाले कल के लिए उम्मीद की किरण है।

