24 News Update उदयपुर। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की एक अहम बैठक बुधवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फतेह स्कूल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने की। इसमें जिलेभर से आए शिक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखीं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
बैठक में मुख्य रूप से शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शैक्षिक कार्यों, संसाधनों की कमी और सरकारी योजनाओं के लंबित भुगतानों को लेकर नाराजगी जताई गई।
प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने कहा कि जिले के अधिकांश शिक्षक वर्तमान में बीएलओ (BLO) और SIR कार्य में लगाए गए हैं, जबकि अर्धवार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं और विद्यार्थियों का कोर्स अधूरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि “शिक्षक बच्चों को पढ़ाएं या सरकारी सर्वे का काम करें?”
जिला महामंत्री कमलेश शर्मा ने बताया कि जुलाई 2025 से सरकारी विद्यालयों में दूध पाउडर की आपूर्ति बंद है, जिससे मिड-डे मील योजना प्रभावित हो रही है। साथ ही, कुक-कम-हेल्पर को दूध गर्म करने की राशि पिछले एक साल से नहीं मिली, जिससे त्योहारों के समय भी उन्हें निराशा हाथ लगी है।
शर्मा ने यह भी कहा कि दीपावली पर विद्यालयों में रंग-रोगन के आदेश तो जारी हुए, लेकिन इसके लिए कोई बजट आवंटित नहीं किया गया। ग्राम पंचायतों ने भी बजट की कमी का हवाला देते हुए रंग-रोगन कराने से इनकार कर दिया। अब शिक्षा अधिकारी बिना धनराशि के शिक्षकों पर दबाव बना रहे हैं, जो अनुचित है।
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि शिक्षकों से 2016 से 2025 तक की एपीएआर (APAR) भरने को कहा गया है, जबकि तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी पर कोर्ट का स्टे ऑर्डर लगा हुआ है और कोई वरिष्ठता सूची जारी नहीं हुई है। इससे शिक्षकों में भ्रम और असंतोष है।
संघ पदाधिकारियों ने यह भी आपत्ति जताई कि शिक्षकों से जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास और जन्म प्रमाण पत्र जैसे गैर-शैक्षिक कार्य करवाए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा कार्य प्रभावित हो रहा है।
बैठक में प्रदेश कोषाध्यक्ष सतीश जैन, प्रचार मंत्री सुरेश खंडारिया, जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर परमार, रूपलाल मीणा, प्रेम सिंह भाटी, ईश्वर सिंह बेमला, गजेंद्र शर्मा, सुभाष बिश्नोई, अमित कल्याण और सचिन दवे सहित कई शिक्षक मौजूद रहे। अंत में संघ ने तय किया कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर जिला स्तर पर ज्ञापन दिया जाएगा और आवश्यक हुआ तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।

