सांसद मन्नालाल रावत की ओर से लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब पर आधारित एनालिसिस 24 News update udaipur राजस्थान में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के तहत खनन प्रभावित जिलों के विकास के लिए करोड़ों रुपये आवंटित किए जाते हैं। यह फंड खनन कंपनियों द्वारा उनके कुल राजस्व का एक निश्चित हिस्सा सरकार को देने से बनता है, जिसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे का विकास करना है, जो खनन की वजह से प्रभावित होते हैं। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड से पता चलता है कि कई जिलों को भारी भरकम निधि मिलने के बावजूद, उसका सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। 2022-23 से 2024-25 (जनवरी 2025 तक) राजस्थान में DMFT के तहत करोड़ों रुपये प्राप्त हुए, लेकिन कई जिलों में इसका उपयोग बेहद कम रहा। कुछ जिलों जैसे राजसमंद (70%) और चित्तौड़गढ़ (64%) ने अपने फंड का अच्छा उपयोग किया, जबकि उदयपुर (15%) और डूंगरपुर (9.5%) जैसे जिले खर्च में काफी पीछे रह गए। वहीं नागौर जिले में 109% खर्च किया गया, जो यह दर्शाता है कि योजनाओं के लिए जरूरत से अधिक धनराशि का उपयोग हुआ। DMFT फंड का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि खनन प्रभावित जिलों के लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। इस रिपोर्ट में हम विशेष रूप से उदयपुर जिले पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जहां करोड़ों रुपये आवंटित होने के बावजूद, इसका बेहद कम उपयोग किया गया। 🚨 🔍 उदयपुर: निधि आवंटन और खर्च की स्थिति ➡️ प्राप्त निधि: 580.73 करोड़ रुपये➡️ खर्च की गई राशि: 87.18 करोड़ रुपये➡️ खर्च अनुपात: 15% (अत्यधिक कम) 📌 उदयपुर को राजस्थान में छठा सबसे अधिक DMFT फंड प्राप्त हुआ, लेकिन खर्च के मामले में यह कई छोटे जिलों से भी पीछे रहा। 🔍 जिलावार तुलना: उदयपुर बनाम अन्य जिले जिलाप्राप्त निधि (करोड़ रुपये)खर्च (करोड़ रुपये)खर्च अनुपात (%)उदयपुर580.7387.1815%भीलवाड़ा1436.29683.3147.5%राजसमंद935.38655.0670%पाली191.46104.3054.4%चित्तौड़गढ़244.4157.1164%नागौर105.2115.08109%डूंगरपुर5.560.539.5% (सबसे कम) 📌 उदयपुर का खर्च अनुपात सिर्फ 15% है, जो DMFT फंड के खराब उपयोग को दर्शाता है।📌 राजसमंद (70%) और चित्तौड़गढ़ (64%) जैसे जिलों ने अपने बजट का अच्छा उपयोग किया, जबकि उदयपुर पीछे रह गया। 🔍 उदयपुर में DMFT निधि का उपयोग किन क्षेत्रों में हुआ? राजस्थान सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, उदयपुर में 23 परियोजनाएं पूरी की गईं, जिनकी कुल लागत 5.58 करोड़ रुपये थी। 🔹 प्रमुख परियोजनाएं और उनका खर्च परियोजना का नामलागत (करोड़ रुपये)स्थितिप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन1.5पूर्णसरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम1.2पूर्णनि:शुल्क दवा योजना0.8पूर्णग्रामीण पेयजल सुविधा0.75पूर्णमहिला एवं बाल विकास केंद्र0.6पूर्णसरकारी अस्पतालों में नई सुविधाएं0.73पूर्ण 📌 हालांकि कुछ परियोजनाएं पूरी हुई हैं, लेकिन 580 करोड़ रुपये में से केवल 87 करोड़ ही खर्च होना दर्शाता है कि बड़ी योजनाओं पर काम धीमा है।📌 शिक्षा और स्वास्थ्य में खर्च जरूर हुआ है, लेकिन बुनियादी ढांचे और रोजगार संबंधी योजनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। 🔍 उदयपुर में कम खर्च के संभावित कारण 1️⃣ प्रशासनिक देरी: परियोजनाओं को मंजूरी देने और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया धीमी रही।2️⃣ योजनाओं की कमी: अन्य जिलों की तुलना में उदयपुर में DMFT निधि का उपयोग बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में नहीं किया गया।3️⃣ समन्वय की समस्या: खनन प्रभावित क्षेत्रों में फंड के उपयोग के लिए स्पष्ट रणनीति का अभाव।4️⃣ अन्य जिलों में उच्च प्राथमिकता: सरकार की नीतियां अन्य जिलों में अधिक केंद्रित होने के कारण उदयपुर में विकास कार्य धीमा रहा। 🔍 सुधार के सुझाव ✅ DMFT फंड के अधिकतम उपयोग के लिए तेज़ कार्यान्वयन की रणनीति अपनाई जाए।✅ ग्रामीण विकास, जल आपूर्ति और रोजगार सृजन की नई योजनाओं में निधि का आवंटन हो।✅ अन्य जिलों की तर्ज पर उदयपुर में भी बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जाएं, जैसे – राजसमंद और भीलवाड़ा में हो रहे मॉडल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट।✅ DMFT निधि का उपयोग पारदर्शी तरीके से हो और खर्च को नियमित रूप से सार्वजनिक किया जाए। 🔍 निष्कर्ष: उदयपुर को और प्रयास करने की जरूरत 📌 उदयपुर को 580.73 करोड़ रुपये की बड़ी राशि मिली, लेकिन इसका केवल 15% ही उपयोग हुआ।📌 अन्य जिलों की तुलना में यह खर्च अनुपात काफी कम है, जिससे खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में बाधा आ रही है।📌 DMFT फंड का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रशासन को ठोस रणनीति बनानी होगी और धीमी गति से चल रही योजनाओं को गति देनी होगी। 🚨 अगले वित्तीय वर्ष में यदि DMFT निधि का उपयोग सही ढंग से नहीं हुआ, तो उदयपुर विकास के इस महत्वपूर्ण अवसर से चूक सकता है। 🚀 राजस्थान में DMFT फंड का जिलावार विवरण जिलाप्राप्त निधि (करोड़ रुपये)व्यय की गई निधि (करोड़ रुपये)अजमेर131.87116.34अलवर23.1313.29बांसवाड़ा20.2511.46बारां3.50.79बाड़मेर117.3157.59भरतपुर41.0318.81भीलवाड़ा1436.29683.31बीकानेर59.0146.40बूंदी28.9720.49चित्तौड़गढ़244.4157.11चूरू11.2314.39दौसा5.325.24धौलपुर7.092.15डूंगरपुर5.560.53हनुमानगढ़8.65.84जयपुर94.4147.74जैसलमेर36.623.38जालौर12.874.81झालावाड़9.622.88झुंझुनू56.7623.91जोधपुर62.570.64करौली9.197.00कोटा55.6133.08नागौर105.2115.08पाली191.46104.30प्रतापगढ़5.252.68राजसमंद935.38655.06सवाई माधोपुर3.240.00सीकर35.0416.28सिरोही104.6281.04श्रीगंगानगर9.421.98टोंक22.5711.76उदयपुर580.7387.18 Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मसाला फसलों की खेती एवं प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण का आयोजन हस्तशिल्प कारीगरों को सरकारी योजनाओं में लाभ देने में पिछड़ा उदयपुर, सांसद रावत के सवाल पर मिला जवाब