24 News Update जयपुर। शहर में बैंकिंग धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के तत्कालीन बैंक मैनेजर और असिस्टेंट बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया है। दोनों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी कर्मचारी दर्शाकर करोड़ों रुपए के लोन पास करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने करीब 4.20 करोड़ रुपए के लोन 37 लोगों के नाम पर स्वीकृत किए, जिनमें अधिकांश मामलों में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया। इस मामले में कुल 37 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बैंक मैनेजर बाबूलाल मीणा (47) और असिस्टेंट बैंक मैनेजर आकाश बिलोनिया (34) शामिल हैं। दोनों लंबे समय से फरार थे और उनके खिलाफ सबूत मिलने पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस टीम ने एसीपी नारायण कुमार बाजिया के निर्देशन और मोतीडूंगरी थाना प्रभारी मोहन सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार रात दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 के दौरान दोनों आरोपी आदर्श नगर स्थित एसबीआई शाखा में पदस्थ थे। आरोप है कि उन्होंने एक संगठित गिरोह के साथ मिलीभगत कर फर्जी सरकारी कर्मचारियों के दस्तावेज तैयार कराए और उसी आधार पर बैंक से लोन स्वीकृत कर बड़ी राशि का गबन किया।
मामले में बैंक प्रबंधन की ओर से आदर्श नगर थाने में शिकायत दी गई थी, जिसके बाद अलग-अलग ग्राहकों के नाम पर कुल 37 प्रकरण दर्ज किए गए। फिलहाल मोतीडूंगरी थाना पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

