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गोल्ड लोन ट्रांसफर के नाम पर बैंक को लाखों की चपत लगाने वाला ठग गिरफ्तार, दो साल बाद महामंदिर पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

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जयपुर/जोधपुर, 1 मई। जोधपुर पुलिस आयुक्तालय द्वारा फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महामंदिर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोल्ड लोन ट्रांसफर के नाम पर बैंक अधिकारियों को चकमा देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से फरार चल रहा था और लगातार पुलिस को गुमराह कर बचता फिर रहा था।

पुलिस उपायुक्त (पूर्व) मनीष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुनील विश्नोई (27) ने मार्च 2024 में बेहद शातिर तरीके से धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने सीएसबी बैंक शाखा में पहुंचकर बताया कि उसके आईआईएफएल बैंक की मंडोर रोड शाखा में तीन गोल्ड लोन खाते संचालित हैं, जिन्हें वह सीएसबी बैंक में ट्रांसफर करवाना चाहता है।

बैंक ने ट्रांसफर किए 8.37 लाख रुपए

आरोपी की बातों पर विश्वास कर सीएसबी बैंक ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए आईआईएफएल बैंक के खाते में कुल 8 लाख 37 हजार 750 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद सीएसबी बैंक के दो अधिकारी आरोपी के साथ आईआईएफएल शाखा पहुंचे, ताकि वहां गिरवी रखा सोना प्राप्त किया जा सके।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मौके का फायदा उठाया और जैसे ही उसे सोना सौंपा गया, वह बैंक अधिकारियों को चकमा देकर फरार हो गया। अचानक हुई इस घटना से बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बाद में सीएसबी बैंक के मैनेजर यशपाल खन्ना ने थाना महामंदिर में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी से मिली सफलता

मामले की गंभीरता को देखते हुए महामंदिर थानाधिकारी देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।

लगातार निगरानी और सूचना संकलन के बाद पुलिस ने आरोपी सुनील विश्नोई को सालासर नगर, मंडोर स्थित उसके किराए के मकान से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस रिमांड पर आरोपी, बरामदगी के प्रयास जारी

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ठगी की गई रकम और सोने की बरामदगी के प्रयास कर रही है। आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर है तथा उससे जुड़े अन्य संभावित मामलों और साथियों के बारे में भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया था, लेकिन तकनीकी जांच और सतत निगरानी के चलते आखिरकार वह पुलिस गिरफ्त में आ गया।

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