उदयपुर। ग्रामीण महिलाओं से समूह लोन की किस्तों और प्री-पेमेंट के नाम पर वसूली गई राशि के गबन के मामले में पुलिस थाना झाड़ोल ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बैंक राशि लेकर फरार चल रहे एक आरोपी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
प्रकरण की शुरुआत 11 फरवरी 2025 को हुई, जब इंडसइंड बैंक की फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिट शाखा, झाड़ोल के ब्रांच मैनेजर पृथ्वीपाल सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि बैंक द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के अनुसार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को समूह लोन प्रदान किया जाता है तथा किस्तों का संग्रह फील्ड स्टाफ द्वारा किया जाता है।
बड़ा लोन दिलाने का झांसा देकर की वसूली
शिकायत के अनुसार बैंक में कार्यरत संगम मैनेजर सोहनलाल, महेन्द्र चौधरी और धर्मेन्द्र ने महिलाओं को बड़ा लोन स्वीकृत कराने का लालच देकर उनसे प्री-पेमेंट और किस्तों के रूप में नकद राशि वसूल ली।
आरोप है कि सोहनलाल ने 20, महेन्द्र चौधरी ने 12 और धर्मेन्द्र ने 23 महिला लोन सदस्यों से रकम ली, लेकिन उसे बैंक में जमा नहीं कराकर आपस में हड़प लिया।
जांच में तीनों द्वारा कुल 7 लाख 56 हजार 618 रुपये के गबन की पुष्टि हुई। जब बैंक प्रबंधन ने राशि लौटाने को कहा तो आरोपियों ने न केवल इनकार किया, बल्कि धमकियां भी दीं।
बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज
मामले में प्रकरण संख्या 73/2025 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 316(2) व 316(5) के तहत अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
तकनीकी मदद से आरोपी गिरफ्तार
जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल (खेरवाड़ा) तथा वृताधिकारी विवेक सिंह (झाड़ोल) के सुपरविजन में थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
आसूचना एवं तकनीकी सहयोग से पुलिस ने आरोपी धर्मेन्द्र पिता रामेश्वर, निवासी खतियों का मोहल्ला, कुचामन सिटी (डिडवाना-कुचामन) को 11 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान फरार साथियों सोहनलाल एवं महेन्द्र चौधरी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में
थानाधिकारी फैलीराम मीणा,
जांच अधिकारी दिनेश कुमार (उप निरीक्षक),
हेड कांस्टेबल भेरूलाल (बाघपुरा),
कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार (झाड़ोल),
कांस्टेबल मोटाराम (फलासिया) एवं
कांस्टेबल लक्ष्मीलाल (झाड़ोल) की विशेष भूमिका रही।

