24 News Update जयपुर। कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा-2022 प्रश्नपत्र लीक प्रकरण की जांच अब राजस्थान प्रशासनिक सेवा भर्ती-2018 तक पहुंचती दिखाई दे रही है। विशेष अभियान समूह ने बुधवार को राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान जांच अधिकारियों ने केवल प्रश्नपत्र लीक मामले पर ही नहीं, बल्कि आरएएस भर्ती-2018 की साक्षात्कार प्रक्रिया और चयन से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर भी सवाल किए।
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के रिश्तेदारों के चयन का मुद्दा भी उठा। उस समय हुए चयन को लेकर राजनीतिक गलियारों में पहले भी सवाल उठते रहे हैं। जांच एजेंसियां अब यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि साक्षात्कार मंडल की कार्यप्रणाली और चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार का प्रभाव या अनियमितता तो नहीं रही।
बताया जा रहा है कि डॉ. शिव सिंह उस साक्षात्कार मंडल का हिस्सा थे, जिसके कारण विशेष अभियान समूह ने उनसे विस्तृत जानकारी ली। यह पूछताछ पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा से मिले तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि जिस समयावधि को लेकर सवाल किए जा रहे हैं, उस दौरान बाबूलाल कटारा आयोग में पदस्थ नहीं थे।
विशेष अभियान समूह मुख्यालय में सुबह से शुरू हुई पूछताछ देर शाम तक जारी रही। जांच एजेंसी ने डॉ. शिव सिंह को 10 मई को नोटिस जारी कर उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। प्रारंभ में नोटिस व्हाट्सएप के जरिए भेजा गया, बाद में उसकी मुद्रित प्रति भी उपलब्ध कराई गई।
डॉ. शिव सिंह ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा-2022 से उनका कोई संबंध नहीं रहा, क्योंकि उनका कार्यकाल जनवरी 2022 में समाप्त हो चुका था। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित भर्ती प्रक्रिया और विज्ञापन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद जारी हुए थे।
इसके बावजूद जांच एजेंसी ने उनसे भर्ती प्रक्रियाओं, साक्षात्कार प्रणाली और आयोग के तत्कालीन कामकाज को लेकर कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पूछताछ को आगामी दिनों में बड़े खुलासों से जोड़कर देखा जा रहा है।
आरपीएससी भर्ती विवाद की आंच फिर तेज, आरएएस-2018 साक्षात्कार प्रक्रिया के बारे में भी पूछताछ, क्या डोटासरा को घेरने की है तैयारी???

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